'भारत बलूचिस्तान को पाक से अलग नहीं कर सकता'

हुसैन हक्क़ानी अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत थे.

इमेज स्रोत, AFP

इमेज कैप्शन, हुसैन हक्क़ानी अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत थे.
    • Author, ब्रजेश उपाध्याय
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल क़िले से 15 अगस्त के दिन अपने भाषण में बलूचिस्तान का मु्द्दा उठाया, तब से पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान पर चर्चा गर्म है.

अमरीका मेें पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्क़ानी का कहना है कि पाकिस्तान में पहले से माना जाता है कि भारत पाकिस्तान के ख़िलाफ़ गतिविधियां करता रहा है और अब प्रधानमंत्री मोदी ने इस मसले को हवा दे दी है, इससे भारत और पाकिस्तान दोनों को ही कोई फ़ायदा नहीं होगा.

हुसैन हक्क़ानी का मानना है कि पाकिस्तान को प्रधानमंत्री मोदी ने एक क़िस्म की चुनौती दी है कि अगर पाकिस्तान भारत के बारे में अपना रवैया तब्दील नहीं करेगा तो भारत भी एक नया रवैया पैदा कर सकता है.

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को अपने अपने अंदरूनी मामलों पर ध्यान देना चाहिए न कि एक दूसरे को उकसाना चाहिए, जब तक एक दूसरे को उकसाते रहेंगे, दोनों तरफ़ से बयानबाज़ी जारी रहेगी.

इमेज स्रोत, AFP

हुसैन हक्क़ानी ने कहा कि भारत कश्मीर में हो रही ज़्यादतियों पर ध्यान दे और पाकिस्तान को आज़ाद कश्मीर, गिलगित बल्तिस्तान, बलूचिस्तान, सिंध, कराची की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.

बलूचिस्तान की समस्या पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ये सोचना चाहिए कि वो ख़ुद को दुनिया में तन्हा क्यों करता जा रहा है और उसके मसलों में दूसरे देश के प्रधानमंत्री इस क़िस्म की बात कह सकते हैं.

बलोच लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन पर उन्होंने कहा कि किसी मुल्क़ में इंसानी हक़ों को दबाया जाएगा और उस पर वो मुल्क़ ख़ुद नहीं बोलेगा तो दूसरे देश उस पर बोलना शुरू कर देंगे.

पाकिस्तानी की सिविल सोसायटी को भी उन्होंने सलाह दी कि उन्हें बलोच लोगों के साथ हो रही ज़्यादतियों को नज़रअंदाज़ करना बंद करना चाहिए.

'इंडिया वर्सेस पाकिस्तान, व्हाई कांट वी बी फ्रेंड्स' नाम की किताब लिख चुके हुसैन हक्क़ानी मानते हैं कि भारत को भी कश्मीर के मामले को हमेशा नजरअंदाज़ करने की नीति ख़त्म करनी चाहिए और कश्मीर के लोगों से बातचीत करके मामले को ठीक रखने की कोशिश करनी चाहिए.

इसके अलावा भारत में कश्मीर के मसले पर पाकिस्तानी रुख़ की तुलना करते हुए कहा कि बलूचिस्तान अंतरराष्ट्रीय विवाद नहीं है लेकिन कश्मीर अभी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद है.

बलूचिस्तान के कई लोगों ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान के लिए शुक्रिया अदा किया है.

बुगती बलुचिस्तान के लिए सारा जीवन लड़ते रहे.

इमेज स्रोत, Getty

इमेज कैप्शन, बुगती बलुचिस्तान के लिए सारा जीवन लड़ते रहे.

क्या भारत की तरफ़ झुकाव से बलोच लोगों को फ़ायदा होगा इस पर हक्क़ानी कहते हैं, ''बलोच बहुत ज़्यादा लाचार हैं और उनके साथ बहुत ज़्यादती हो रही है. हेलीकॉप्टर से उनके ऊपर बमबारी, गैरकानूनी हत्याएं, किल एंड डंप की पॉलिसी ये सब बलूचिस्तान में हो रहा है. ये सब होता रहा तो बलूचिस्तान को पाकिस्तान में रखना आसान नहीं होगा. ज़्यादा अहम बात ये है कि बलोचों के दिल को पाकिस्तान से जोड़ा जाए मेरा ये ख़्याल है कि बलोच लोगों को ग़ैर मुल्क़ की दखलअंदाजी से कोई फ़ायदा नहीं होगा और पाकिस्तान को फौज़ी ताक़त के इस्तेमाल से कोई फ़ायदा नहीं होगा.''

भारत कभी बलूचिस्तान मेें बांग्लादेश जैसे हालात पैदा कर सकता है, इस पर हुसैन हक्क़ानी कहते हैं , ''बिल्कुल भी नहीं, भारत बांग्लादेश के तीन तरफ़ था लेकिन बलूचिस्तान से बहुत दूर है. भारत बलूचिस्तान में गड़बड़ पैदा कर सकता है लेकिन उसे अलग नहीं करा सकता. बेहतर यही होगा पाकिस्तान अपने बलोच नेताओं से बातचीत करे और बलूचिस्तान को पाकिस्तान में हंसी खुशी रज़ामंदी के साथ रखे.''

हाल ही में पाकिस्तान को अमरीका से मिलने वाली मदद कम किए जाने पर, हुसैन हक्क़ानी का मानना है कि इसके बाद पाकिस्तान को सोचना होगा कि वो अपने मुल्क़ में लोगों के साथ कैसा बर्ताव करे.

(बलूचिस्तान की आज़ादी के लिए मुहिम चला रही एक संस्था ने शुक्रवार को दिवंगत नेता नवाब अकबर ख़ान बुगटी की बरसी के मौके पर वाशिंगटन में एक सम्मेलन का आयोजन किया जहां उनसे बातचीत हुई.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें<link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)