पाक: मोदी की 'तारीफ़' पर गद्दारी का मुकदमा!

ब्रह्मदाग बुगटी स्विट्ज़रलैंड में निर्वासन में हैं
इमेज कैप्शन, ब्रह्मदाग बुगटी स्विट्ज़रलैंड में निर्वासन में हैं

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बलूचिस्तान पर दिए बयान की प्रशंसा करना पाकिस्तान के कुछ नेताओं को महंगा पड़ा है.

पाकिस्तान के इन बलोच नेताओं पर देश से ग़द्दारी का मुक़दमा दर्ज किया गया है.

बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी बलूच नेता ब्रहमदाग़ बुगटी, हरबयार मरी और करीमा बलोच के ख़िलाफ़ ग़द्दारी का मुक़दमा दर्ज किया गया है. ये नेता विदेश में निर्वासन में रह रहे हैं.

ज़िला ख़ज़दार के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अशरफ़ जतक ने बीबीसी उर्दू से बातचीत में केस दर्ज करने की पुष्टि की है.

पुलिस के अनुसार 'आम नागरिकों की अपील पर इन नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई' की गई है.

इस कार्रवाई का सीधा संबंध पीएम नरेंद्र मोदी के बलूचिस्तान पर दिए बयान पर इनकी प्रतिक्रिया से है.

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर मोदी ने कहा था कि बलूचिस्तान और गिलगित-बल्तिस्तान के लोग उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं और ये सवा अरब भारतीयों का सम्मान है.

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मोदी के इस बयान पर इन नेताओं ने फ़ेसबुक के ज़रिए उनका शुक्रिया अदा किया था.

इसके बाद बलूचिस्तान में इन नेताओं और मोदी दोनों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए थे.

बीबीसी के पास उस एफ़आईआर की कॉपी है जिसके अनुसार जमाते इस्लामी के ज़िला अध्यक्ष मोहम्मद असलम गुज़गी की तरफ़ से दायर अपील का ज़िक्र है.

उसमें कहा गया है कि 'भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के समर्थन में ब्रहमदाग़ बुगटी, हरबयार मरी और करीमा बलोच ने विभिन्न समाचार चैनलों और अख़बारों में बयान दिए हैं जिसमें भारत सरकार से पाकिस्तान पर हमला करने की दावत दी गई है.'

याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत को आक्रमण की दावत देकर इन लोगों ने पाकिस्तान के साथ ग़द्दारी की है इसलिए उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाना चाहिए.

मुस्लिम लीग (नवाज़) के स्थानीय नेताओं ने भी इन बलोच नेताओं के ख़िलाफ़ ग़द्दारी का मुक़दमा दर्ज किए जाने की अपील की थी जिसके आधार पर केस दर्ज किया गया.

ब्रहमदाग़ बुगटी हथियारबंद अलगाववादी संगठन बलोच रिपब्लिकन आर्मी, हरबयान मरी बलोच लिबरेशन आर्मी और करीमा बलोच बलोच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन के अध्यक्ष हैं.

ब्रहमदाग़ स्विटज़रलैंड, हरबयान मरी ब्रिटेन और करीमा बलोच ने कनाडा में राजनीतिक शरण ली हुई है.

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