बलूचिस्तान में बुगटी की बरसी पर हड़ताल

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को बलोच नेता अकबर ख़ान बुगटी की दसवीं बरसी के मौक़े पर कई जगहों पर शटर डाउन हड़ताल रही.

अकबर बुगटी 26 अगस्त 2006 को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के शासनकाल में होने वाले एक सैन्य ऑपरेशन में मारे गए थे.

बुगटी की दसवीं बरसीं पर बलोच रिपब्लिकन पार्टी और जम्हूरी वतन पार्टी ने हड़ताल की कॉल दी थी.

हाल में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा उठाया था.

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बुगटी के पोते ब्रहामदाग बुगटी समेत कई अलगाववादी बलोच नेताओं ने इसके लिए मोदी का शुक्रिया अदा किया था जबकि पाकिस्तान ने भारत पर अपने अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया.

बुगटी की बरसी पर बलूचिस्तान में सुरक्षा के सख़्त इंतजाम किए गए.

अकबर बुगटी बलूचिस्तान के गवर्नर और मुख्यमंत्री रहने के अलावा पाकिस्तान की अलग अलग केंद्रीय सरकारों में मंत्री भी रहे.

2005 में सुरक्षा बलों का अभियान शुरू होने के बाद उन्होंने डेरा बुगटी और गिर्दोनवाह के पहाड़ी इलाकों का रुख़ किया जहां 26 अगस्त 2006 को तरातानी के इलाके में वो एक सैन्य अभियान में मारे गए.

बलूचिस्तान के लोगों में पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार से नाराज़गी दशकों से रही है, लेकिन बुगटी की मौत ने इसे और भड़का दिया, जिससे वहां नए सिरे से अलगाववाद को हवा मिली.

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