'आईएस ने ली प्रोफेसर की हत्या की ज़िम्मेदारी'

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बांग्लादेश में राजशाही यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर की गला रेत कर हत्या कर दी गई है.
कथित इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने प्रोफेसर सिद्दीक़ी की हत्या की जिम्मेदारी ली है.
अमरीका स्थित साइट इंटेलीजेंस ग्रुप के मुताबिक इस्लामिक स्टेट से जुड़ी अमाक़ एजेंसी ने कहा है कि प्रोफेसर सिद्दीक़ी की हत्या बांग्लादेश में नास्तिकता का समर्थन करने के लिए की गई.
इंटेलीजेंस ग्रुप इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों पर नज़र रखता है.
हालांकि, सिद्दीक़ी के सहयोगियों ने जानकारी दी थी कि उन्होंने कुछ भी ऐसा नहीं लिखा था जो विवादित हो. वो नास्तिक भी नहीं थे.

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पुलिस के अनुसार ये हमला उसी तरह का है जैसे पिछले कुछ महीनों में कई धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों और नास्तिकों की हत्याएं की गई हैं.
पश्चिमी बांग्लादेश के राजशाही में अंग्रेज़ी के प्रोफ़ेसर एएफ़एम रेज़ाउल करीम सिद्दीक़ी की हत्या तब हुई जब वह घर से यूनिवर्सिटी जा रहे थे.
58 वर्षीय प्रोफ़ेसर की हत्या में अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया है.
पिछले वर्ष भी चार प्रमुख धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों की हत्या इसी तरह की गई थी.
पुलिस के अनुसार प्रोफ़ेसर सिद्दीक़ी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में काफी सक्रिय रहते थे.

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उन्होंने बाघमारा में एक स्कूल भी खोला था जो कट्टरपंथी समूह जमाएतुल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का गढ़ रहा है.
बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन आलोचकों का मानना है कि सरकार इन चरमपंथी हमलों की रोकथाम में नाकाम रही है.
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