ढाका में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगर की चाकू मारकर हत्या

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बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष विचारों को फ़ेसबुक पर ज़ाहिर करने वाले कानून के एक छात्र की हत्या कर दी गई है.
पुलिस के अनुसार बुधवार देर रात निज़ामुद्दीन समाद जब एक ट्रैफिक चौराहे पर रुके हुए थे, तभी उन्हें पहले चाकू मारा गया और फिर उन पर गोलियां चलाई गईं.
28 साल के समाद धर्मनिरपेक्ष विचारों का प्रचार करने वाले समूह 'गणजागरण मंच' के संयोजक बताए जाते हैं.
राजधानी ढ़ाका में सैंकड़ो की संख्या में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने निज़ामुद्दीन समाद की हत्या के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया.
पिछले साल भी धार्मिक कट्टरवादियों ने कई महत्वपूर्ण धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों को अपना निशाना बनाया था.
बांग्लादेश आधिकारिक रूप से धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन आलोचकों का मानना है कि सरकार इन हमलों से निपटने में नाकाम रही है.

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निज़ामुद्दीन समाद जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के छात्र थे और अपने फेसबुक पेज पर धार्मिक कट्टरवाद के खिलाफ लगातार लिखते रहे थे. उन्होंने धर्म के बारे में लिखा था, "मेरा कोई धर्म नहीं है."
हाल के महीने में धर्मनिरपेक्षता के पक्ष में लिखने वालों पर कई जानलेवा हमले किए गए हैं. हालांकि अब तक हमले के दोषियों का कोई सुराग नहीं मिला.
अब तक चार प्रमुख धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों की हत्या हुई है. उनके नाम उस 84 नामों वाली सूची में थे जिसे 2013 में एक इस्लामिक ग्रुप ने जारी किया था.

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बांग्लादेश में पहले भी शिया, सूफी और अहमदी मुसलमान, ईसाई और हिंदुओ जैसे अल्पसंख्यकों पर हमले हुए हैं.
पिछले ही साल इटली के एड वर्कर और एक जापानी शख्स को गोली मार दी गई थी.
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