पोप ने प्रवासियों से कहा- आप अकेले नहीं

पोप फ्रांसिस ने यूरोप में जारी प्रवासी संकंट का समाधान निकालने के लिए दुनिया से और प्रयास करने की अपील की है.
ग्रीस के टापू लेस्बॉस में एक प्रवासी गृह की यात्रा के दौरान उन्होंने ये बात कही. मोरिया शिविर में 3,000 लोग रह रहे हैं जिनमें से कई को वापस तुर्की भेजा जाना है.
इन प्रवासियों से उन्होंने कहा, 'आप उम्मीद न छोड़ें'.

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पोप का कहना था कि उन्होंने इन लोगों की पीड़ा देखी है और उम्मीद करते हैं कि दुनिया मानवता के प्रति अपनी साझा ज़िम्मेदारी के आधार पर काम करेगी.
उनका कहना था कि उनकी यात्रा का मकसद 'दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बदतर मानवीय आपदा' को देखना है.
मोरिया शिविर में पोप को देखने के लिए बड़ी संख्या में शरणार्थी लाइन लगा कर खड़े हुए थे. उनमें से कुछ ने पोस्टर भी थामे हुए थे जिनमें मदद मांगी गई थी.

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पिछले महीने प्रवासियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यूरोपीय संघ और तुर्की के बीच हुए समझौते के बाद हज़ारों की संख्या में लोग लेस्बॉस में फंसे हुए हैं.
वेटिकन ने ज़ोर देकर कहा है कि पोप की यात्रा विशुद्ध रूप से मानवीय और धार्मिक है और इसे लोगों को वापस भेजे जाने की आलोचना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
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