उत्तर कोरिया ने अमरीकी छात्र को जेल में डाला

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अमरीकी छात्र आटो वांबियर को उत्तर कोरिया में राज्य के ख़िलाफ़ अपराध करने के लिए 15 साल की कठिन परिश्रम की सज़ा सुनाई गई है.
वर्जिनिया विश्वविद्यालय के 21 वर्षीय वांबियर को जनवरी में उत्तर कोरिया का दौरा करते समय एक होटल से प्रचार चिन्ह की चोरी करने की कोशिश के लिए गिरफ्तार किया गया था.
बाद में सरकारी टीवी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक चर्च समूह ने उनसे यात्रा की निशानी लाने को कहा था.

उन्होंने कहा कि यह मेरी ज़िंदगी की बड़ी भूल थी.
उत्तर कोरिया विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए कभी कभी विदेशियों को क़ैद कर लेता है.
वांबियर ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा, "मैंने होटल में स्टॉफ के लिए सुरक्षित क्षेत्र से राजनीतिक नारे की कापी करने की कोशिश की, मैं कोरिया के कामगारों के मिजाज़ को जानना समझना चाहता था, ये एक बेवक़ुफ़ी भरी कोशिश थी."

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दक्षिण कोरिया से बीबीसी के स्टिफ़न इवांज़ का कहना है कि 15 साल की सज़ा अधिक है और इससे पहले किसी विदेशी को मिली सज़ा के मुक़ाबले यह ज्यादा है.
उनका कहना है कि इस वजह से अमरीका और उत्तरी कोरिया के बीच भारी तनाव पैदा हो सकता है.
सरकारी मीडिया ने अभी तक सज़ा की रिपोर्ट नहीं की है लेकिन चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ यह सज़ा सुप्रीम कोर्ट ने दी है.
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