हज़ारों प्रवासियों की समस्या पर इमरजेंसी बैठक

रविवार को तुर्की दूतावास में जर्मन चांसलर, तुर्की प्रधानमंत्री और हॉलैंड के प्रधानमंत्री मिले.

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इमेज कैप्शन, रविवार को तुर्की दूतावास में जर्मन चांसलर, तुर्की प्रधानमंत्री और हॉलैंड के प्रधानमंत्री मिले.

यूरोप में शरणार्थी संकट से निपटने के लिए ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ और तुर्की की इमरजेंसी बैठक सोमवार को हो रही है.

नेटो ने ईजियन सागर में अपने अभियान के विस्तार का फ़ैसला किया है. उसने तय किया है कि वह ग्रीस और तुर्की के इलाक़ों में अपने जहाज़ भेजेगा और यूरोपीय संघ की सीमा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा.

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ब्रसेल्स में होने वाली बैठक में यूरोपीय संघ के नेता तुर्की पर दबाव डालेंगे कि वह लोगों की आवाजाही पर रोक लगाए और यूरोपीय संघ से निर्वासित किए गए आर्थिक प्रवासियों को फिर से अपने यहां आने की इजाज़त दे.

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बदले में यूरोपीय संघ तुर्की में पहले से मौजूद कुछ शरणार्थियों को यूरोप में बसाने की पेशकश करेगा.

ग्रीस और मेसेडोनिया की सीमा के पास 13 हज़ार शरणार्थी हैं और ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्स सिप्रास ने आरोप लगाया है कि कुछ देश यूरोप को एक किले में तब्दील कर रहे हैं और शरणार्थी संकट से निपटने से इनकार कर रहे हैं.

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सिप्रास का कहना है कि शरणार्थियों को यूरोपीय संघ के दूसरे सदस्य देशों में भेजना इस वक़्त की सबसे बड़ी ज़रूरत है.

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