मानव तस्करों के मामले में नैटो देगा दख़ल

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प्रवासियों को तुर्की से ग्रीस पहुंचाने वाले मानव तस्करों पर लगाम लगाने के लिए नैटो के पोत ईजियन सागर में गश्त लगाएंगे.
ब्रसेल्स में रक्षा मंत्रियों की एक बैठक में तुर्की, जर्मनी और ग्रीस की अपील के बाद नैटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने इसकी घोषणा की.
हालांकि उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य शरणार्थी नावों को रोकना या उन्हें लौटाना नहीं होगा, बल्कि मानव तस्करी को रोकने के लिए निगरानी और अहम जानकारियां इकट्ठा करना होगा.

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हालांकि जर्मनी के रक्षा मंत्री ने कहा कि नैटो के अधिकांश सदस्य देशों ने इस बात पर रज़ामंदी जताई है कि बचाए गए शरणार्थियों को तुर्की लौटा दिया जाएगा, जो खुद नैटो गठबंधन का सदस्य है.
यूरोप में प्रवासी संकट के शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार है कि यह रक्षा गठबंधन इस मामले में दखल दे रहा है.
जर्मन कमांड के अंतर्गत आने वाले नैटो के स्टैंडिंग मैरीटाइम ग्रुप 2 में कम से कम तीन पोत हैं. इस अभियान को ग्रीस और तुर्की के तटरक्षकों की मदद से चलाया जाएगा.

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नैटो प्रमुख ने कहा कि तुर्की और सीरिया की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी जाएगी.
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, इस साल अब तक 75,000 प्रवासी समुद्री रास्ते से ग्रीस पहुंच गए हैं.
इसमें 40 प्रतिशत सीरियाई हैं. इस दौरान 400 लोग मारे गए हैं.
तुर्की तट से महज आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्रीक द्वीप लेस्बोस, प्रवासियों की पसंदीदा जगह है, जहां से वो यूरोप पहुंचते हैं.
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