मिस्र में 149 लोगों की मौत की सज़ा ख़त्म

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इमेज कैप्शन, केरदासा में सरकारी बलों और मुसलिम ब्रदरहुड के समर्थकों की अक्सर मुठभेड़ हुई है

मिस्र की एक अदालत ने प्रतिबंधित संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड के 149 समर्थकों की मौत की सज़ा को ख़त्म कर दिया है और उनके मुक़दमों की दोबारा सुनवाई के आदेश दिए हैं.

इन सभी पर वर्ष 2013 में काहिरा के पास केरदासा के एक पुलिस स्टेशन पर हमला करने का इल्ज़ाम था.

इस हमले में कम से कम 11 पुलिस अधिकारी मारे गए थे.

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इमेज कैप्शन, मोर्सी पर जासूसी और विरोधकर्ताओं को हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया

2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के तख़्तापलट के बाद मिस्र में कट्टरपंथियों पर कड़ी कार्रवाई हुई.

इन कार्रवाइयों की मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने भी निंदा की है.

केरदासा हमले के लिए कुल 188 लोगों पर अपराध सिद्ध हुआ था, लेकिन इनमें से ज़्यादातर लोगों को उनकी ग़ैरमौजूदगी में सज़ा सुनाई गई.

पूर्व सेना प्रमुख अब्दुल फतह अल सिसी के राष्ट्रपति बनने के बाद 100 से भी ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और इस्लामी कट्टरपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में 40,000 को जेल में डाला जा चुका है.

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