मारे गए छात्रों के नाम पर 122 स्कूलों के नाम

इमेज स्रोत, Getty

पाकिस्तान की सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद के 122 स्कूलों और कॉलेजों के नामों को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमले में मारे गए लोगों के नाम पर रखने की मंज़ूरी दे दी है.

पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में पिछले साल 16 दिसंबर को हुए हमले में क़रीब 150 लोग मारे गए थे जिनमें से ज़्यादातर संख्या छात्रों की थी.

ख़ैबर पख़्तूनख़्वा सरकार ने इस हमले की बरसी को सरकारी स्तर पर मनाने का एलान किया था जहां इसका फ़ैसला सुनाया गया.

सरकारी टीवी के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सोमवार को 122 स्कूलों और कॉलेजों के नाम को पेशावर स्कूल हमले में मारे गए लोगों के ऊपर रखने को आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी देते हुए कहा कि इस क़दम का मक़सद अज्ञानता और नफ़रत के ख़िलाफ़ लड़ाई में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि देना है.

इमेज स्रोत, AP

नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि नफ़रत फैलाने वाले चाहते हैं कि हमारे बच्चे आगे न बढ़ें.

उनका कहना था, ''हमारे दुश्मन नफ़रत और असहिष्णुता फैलाना चाहते हैं लेकिन हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे.''

उन्होंने कहा, "शहीदों की यादें पाकिस्तान के अस्तित्व से जुड़ी हैं."

उधर पाकिस्तान के संसद में पेशावर स्कूल हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से एकजुटता प्रकट की गई और चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई को समर्थन देने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया.

विपक्षी नेता एतज़ाज़ अहसन ने संसद में अपने विचार व्यक्त करते हुए 16 दिसंबर को पाकिस्तान के इतिहास का काला दिन क़रार दिया.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>