एक नया मोड़ है पेरिस समझौता: ओबामा

पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर हुए समझौते पर सभी देशों ने सहमति जताई है. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, "पृथ्वी को बचाने के लिए हमारे पास यह सबसे अच्छा विकल्प है."
उन्होंने कहा कि कम कार्बन वाले भविष्य को पाने के लिए यह एक 'नया मोड़' साबित हो सकता है.
समझौते को 'महत्वाकांक्षी' करार देते हुए ओबामा ने कहा, "हमने दिखा दिया है कि अगर हम सब एक साथ खड़े हो जाएं तो क्या हासिल कर सकते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "इस समझौते का मतलब उस कार्बन उत्सर्जन को कम करना है जो पृथ्वी के लिए ख़तरा है. इसमें निवेश के चलते रोज़गार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा."
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यह समझौता 'संपूर्ण' नहीं है.

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वहीं विश्व में सबसे अधिक प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार चीन ने भी इस समझौते की सराहना की है लेकिन चीन के मुख्य वार्ताकार शी ज़ेनहुआ ने यह भी कहा कि यह कोई आदर्श समझौता नहीं है.
लेकिन उन्होंने कहा कि केवल इस वजह से हम यह ऐतिहासिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे.

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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि जलवायु परिवर्तन अभी भी एक चुनौती है लेकिन इस मुद्दे के प्रति न्याय ज़रूर हुआ है. समझौते की मुख़्य बातें:
- वैश्विक तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना और कोशिश करना कि वो 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक न बढ़े.
- हर पांच साल में प्रगति की समीक्षा.
- विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तिय सहायता के लिए 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष देना और भविष्य में इसे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता.
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