चीन बढ़ा रहा है पाकिस्तान में उत्सर्जन?

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- Author, नवीन सिंह खड़का
- पदनाम, बीबीसी पर्यावरण संवाददाता, पेरिस से
पेरिस में जारी संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि चीन के भारी निवेश की वजह से उसके कार्बन उत्सर्जन में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी हो सकती है.
पेरिस सम्मेलन में मौजूद पाकिस्तानी मंत्री ज़ाहिद हामिद का कहना है कि ऊर्जा और संचार विकास के लिए चीन पाकिस्तान में 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर रहा है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार नहीं जानती कि इस निवेश की वजह से उसका कार्बन उत्सर्जन कब और कितना बढ़ सकता है.
ज़ाहिद हामिद ने यह भी कहा कि इसी वजह से पाकिस्तान को इस संबंध में अपनी योजना संयुक्त राष्ट्र के समक्ष पेश करने में वक्त लग गया.

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दुनिया के लगभग 180 देश कार्बन उत्सर्जन में कटौती के संबंध में अपनी योजना का खाका संयुक्त राष्ट्र के समक्ष पेश कर चुके हैं.
पेरिस में जारी जलवायु सम्मेलन में इस संबंध में एक वैश्विक समझौता करने का प्रयास किया जा रहा है.
जलवायु परिवर्तन संबंधी दस्तावेज़ों की पड़ताल से पता चला है कि कार्बन उत्सर्जन में समय रहते ज़रूरी कटौती नहीं की गई तो पूरी दुनिया का तापमान पहले के मुक़ाबले तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा.

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मौसम वैज्ञानिक इस बारे में पहले ही चेतावनी दे चुके हैं. पाकिस्तान का कार्बन उत्सर्जन, वैश्विक कार्बन उत्सर्जन का एक प्रतिशत भी नहीं है लेकिन उसे तेज़ी से बदलते मौसम की मार झेलनी पड़ रही है.
पाकिस्तान वर्ष 2010 में विनाशकारी बाढ़ का सामना कर चुका है. इसी साल पाकिस्तान में भीषण गर्मी की वजह से कई लोग मारे गए थे जहां बिजली की किल्लत एक बड़ी समस्या रही है.
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