'मेड इन इसराइल' को ईयू का झटका

यूरोपीय संघ

इमेज स्रोत, PRESS ASSOCIATION

यूरोपीय संघ ने उन दिशानिर्देशों को मंज़ूरी दे दी है जिनके तहत इसराइल, फ़लस्तीनी इलाकों में बनने वाले सामान को 'मेड इन इसराइल' कहकर नहीं बेच सकेगा.

इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू ने यूरोपीय संघ के इस क़दम को अनैतिक क़रार दिया है. हालांकि उन्होंने कहा है कि इससे इसराइल की अर्थव्यवस्था पर कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ेगा.

यूरोपीय संघ का ये फैसला काफी समय से टल रहा था, लेकिन अब इसे स्वीकृति दे दी गई.

बेंयामिन नेतान्याहू

इमेज स्रोत, EPA

येरुशलम में एक संवाददाता सम्मेलन में इसराइल में संयुक्त राष्ट्र के राजदूत लार्स फबोर्ग एंडरसन ने कहा, "हरी रेखा के उस पार से यूरोप में आने वाली वस्तुओं को इसराइल निर्मित बताकर नहीं बेच सकते क्योंकि रेखा के उस पार के इलाक़े को यूरोपीय संघ इसराइल की अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता. ये ऐसी दिक़्क़त है जिससे बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोगों को रूबरू होना पड़ता है."

लेकिन यूरोपीय संघ में इसराइल के राजदूत डेविड वाल्ज़र ने फ़ैसले को राजनीति से प्रेरित बताया है.

इज़रायल सामान

इमेज स्रोत, Reuters

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "ये एक ऐसा फ़ैसला है जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करेगा और इसका कोई आधार नहीं है. ये ऐसा भी नहीं है जिसे इसराइल में हल्के में लिया जाए. हम इससे बहुत निराश हैं और इसकी भर्त्सना करते हैं."

वाल्जर का ये भी कहना था कि यूरोपीय संघ को ये तय करने का कोई अधिकार नहीं है कि कौन सी चीज़ इसराइल की बनी है और कौन सी नहीं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>