साइकिल से यूरोप की सीमा में घुसते प्रवासी

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- Author, निक हॉलैंड
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, रूस-नार्वे बॉर्डर
इराक़ और सीरिया के प्रवासियों ने रूस के रास्ते यूरोप पहुंचने का नया रास्ता ढूंढ निकाला है.
सैकड़ों प्रवासी साइकिल पर सवार होकर नार्वे की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं.
इससे वे जानलेवा भूमध्यसागरीय क्रॉसिंग को पार करने से बच रहे हैं.
प्रवासियों को पैदल रूस की आर्कटिक सीमा पार करने की इजाज़त नहीं है.

फाहेद इन सैकड़ों प्रवासियों में से एक हैं जो रातों-रात रूस की सीमा में प्रवेश करते हैं और फिर आर्कटिक घेरे के उत्तरी क्षेत्र में आ जाते हैं.
अल्जीरिया से आए फाहेद टूटी-फूटी अंग्रजी में अपनी साइकिल की ऊंचाई बताते हैं जिससे वे रूस की सीमा पार कर नार्वे आए हैं.
उनकी लंबाई 5 फीट 10 इंच है लेकिन वो जो साइकिल की ऊंचाई बता रहे हैं वे उनके घुटनों के बराबर की है.
यह देखकर मैंने पूछा, "आप बच्चों की साइकिल चला कर आए हैं?"

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उन्होंने हां में जवाब दिया और हंसने लगे.
साल 2014 में सिर्फ सात शरणार्थी स्टॉर्सकॉग सीमा पार कर पाए थे.
लेकिन इस साल सिर्फ अक्टूबर के महीने में 1100 प्रवासी सीमा पार कर चुके हैं.
इसमें कुछ इराक़ अफ़ग़ानिस्तान और लेबनान से हैं लेकिन ज़्यादातर सीरिया के हैं.

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रूसी सरकार ने चूंकि पैदल सीमा पार करने पर पाबंदी लगा रखी है इसलिए इन प्रवासियों को साइकिल की ज़रूरत पड़ रही है.
नार्वे की क़ानून के मुताबिक़, बिना कागज़ात के देश के अंदर यात्रियों को लाना किसी ड्राइवर के लिए ग़ैर क़ानूनी है.
फाहेद ने बताया कि उन्होंने लगभग रूस के शहर मरमांस्क से सीमा के क्रांसिंग प्वांइट तक पहुंचने के लिए 13 हज़ार रुपए खर्च किए है.
उन्हें इस बात की तसल्ली है कि उनके इस 'पैकेज डील' में टैक्सी का भाड़ा भी जुड़ा हुआ है.

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लेकिन अगर इसमें से अगर टैक्सी के भाड़े के बारे में विचार नहीं किया जाए तो रूस और नार्वे के बीच वीरान पड़े 120 मीटर की दूरी के लिए साइकिल की यात्रा के लिए चुकाई गई यह रकम बहुत बड़ी है.
इस यात्रा की क़ीमत प्रति मीटर करीब 105 रुपए है और शायद यह दुनिया की सबसे महंगी यात्रा है.
लेकिन फाहेद को इसका कोई मलाल नहीं. वो कहते हैं, "यूरोप जाने के लिए यह बहुत छोटी क़ीमत है."
सभी शरणार्थियों को फिलहाल नजदीक के शहर किरकेन्स में रखा गया है.
किरकेन्स में 500 और शरणार्थियों के लिए आनन-फानन में एक नया रिसेप्शन सेंटर बनाया जा रहा है.
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