हूती विद्रोही संघर्ष ख़त्म करने पर राज़ी

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यमन में हूती विद्रोहियों ने देश में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों पर अमल का लिखित भरोसा दिया है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न डूजार्रिक ने भी कहा है कि हूती विद्रोही लड़ाई रोकने के लिए तैयार हो गए हैं.
डूजार्रिक ने कहा कि हूती विद्रोही बीते छह महीने के दौरान यमन में चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों पर तैयार हो गए हैं.
सात सूत्रीय समझौता
संयुक्त राष्ट्र को लिखे एक पत्र में (जिसकी कॉपी बीबीसी के पास उपलब्ध है), हूती विद्रोहियों ने संयुक्त राष्ट्र की सात सूत्री शांति वार्ता को स्वीकार करने की बात कही है.

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पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने संघर्ष समाप्त करने का मौखिक भरोसा दिया था.
शांति समझौते के तहत संघर्ष विराम लागू होगा, शहरों से हथियारबंद लड़ाके वापस बुला लिए जाएंगे और सरकार राजधानी सना से चलेगी.
यमन के राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी ज़ोर देते रहे हैं कि किसी भी समझौते से पहले हूती विद्रोहियों को पिछले साल क़ब्ज़े में लिए इलाक़ों से पीछे हटना होगा.
इस बीच, यमन के अपदस्थ राष्ट्रपति अबदुल्ला सालेह के राजनीतिक दल का भी कहना है कि उसे देश में संघर्ष समाप्त करने का संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव स्वीकार है.
ईरान का समर्थन

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यमन में हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है वहीं सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब गठबंधन हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले कर रहा है.
अरब गठबंधन राजधानी सना में अब्दूरब्बूह मंसूर हादी की सरकार चाहता है.
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक यमन में जारी संघर्ष में अब तक क़रीब 4,900 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें से 2355 आम नागरिक हैं.
संघर्ष के कारण यमन के एक करोड़ तीस लाख लोग खाद्य पदार्थों की कमी का सामना कर रहे हैं.
क़रीब चौदह लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.
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