भुखमरी के कगार पर यमन: संयुक्त राष्ट्र

इमेज स्रोत, AFP
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि यमन में महीनों से जारी लड़ाई की वजह से वहां भुखमरी के हालात पैदा हो गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य परियोजना (डब्लूएफ़पी) की प्रमुख अर्थरीन कज़िन ने कहा कि यमन के बाज़ारों में इतना अनाज नहीं हैं कि लोगों का पेट भरा जा सके.
उनका कहना है कि वहां जारी हिंसा की वजह से सहायता एजेंसियां ज़रूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं.
हिंसा पीड़ित लोग
डब्लूएफ़पी का अनुमान है कि एक करोड़ तीस लाख लोगों को सहायता की ज़रूरत है.
यमन के कई हिस्सों में हूती विद्रोही सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन सरकार और उसके सहयोगियों से लड़ रहे हैं.
अर्थरीन कज़िन तीन दिन की यमन यात्रा के बाद काहिरा में संवाददाताओं से बात कर रही थीं. उन्होंने कहा कि प्रमुख बंदरगाहों के आसपास लड़ाई जारी रहने से राहत सामग्री का वितरण रुका हुआ है.

इमेज स्रोत, EPA
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख स्टीफ़न ओ ब्रायन भी अभी हाल ही में यमन से लौटे हैं. उन्होंने सुरक्षा परिषद में बुधवार को कहा कि वहां जिस पैमाने पर लोग पीड़ित हैं, वह अनुमान से अधिक है.
उन्होंने हुडेडिया बंदरगाह पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन बलों की बमबारी की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन बताया.
इस बंदरगाह पर खड़ा संयुक्त राष्ट्र खाद्य परियोजना का एक जहाज मंगलवार रात हवाई हमले की चपेट में आ गया था.
नागरिकों की मौत

इमेज स्रोत, epa
उन्होंने कहा, ''मैं इस बात से बहुत चिंतित हूं कि हुहेडिया बंदरगाह को हुए नुक़सान का पूरे देश पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और मानवीय जरूरतें और अधिक बढ़ जाएंगी.''
संयुक्त राष्ट्र ने यमन में मानवीय संकट के स्तर को बढ़ाकर दक्षिण सूडान, सीरिया और इराक़ में जारी संकट के बारबर कर दिया है.
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन बलों की ओर से इस साल मार्च में शुरू की गई बमबारी के बाद से अब तक क़रीब दो हज़ार नागरिकों की मौत हो चुकी है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ यमन में दो करोड़ दस लाख से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाने की जरूरत है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi " platform="highweb"/></link> क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href=" https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>














