एमएसएफ़ ने की हमले की जाँच की माँग

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मेडिकल चैरिटी मेडिकल सैन्ज़ फ्रंटियर्स (एमएसएफ़) ने अफ़ग़ानिस्तान में कुंदूज़ शहर में एक अस्पताल पर हुए हवाई हमले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.

एमएसएफ ने कहा कि वो इसे युद्ध अपराध का मामला मानती है. एमएसएफ ने इसके लिए अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना को ज़िम्मेदार ठहराया है.

इस हमले में क़रीब 22 लोग मारे गए थे जिसमें एमएसएफ के 12 लोग थे. हालांकि अमरीकी सेना का कहना है कि वो मामले की जांच कर रही है.

एमएसएफ ने ट्विटर पर कहा, "जितने भी हवाई हमले हुए उन सभी में अस्पताल को बार-बार और बहुत ही ध्यानपूर्वक निशाना बनाया गया है. लेकिन कंपाउंड में मौजूद बाकी जगह को छुआ भी नहीं गया."

"अस्पताल में मौजूद हमारे किसी भी स्टाफ ने इस हमले से पहले वहां किसी भी तरह की लड़ाई या हिंसा की शिकायत नहीं की थी."

अफगान सेना का कब्ज़ा

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कुंदुज़ पर कुछ दिनों पहले हुए तालिबान के कब्ज़े के बाद अफ़ग़ान सेना ने शहर के ज़्यादातर हिस्सों को वापस ले लिया है.

एमएसएफ ने कहा है कि वह अपने अधिकांश कर्मचारियों को इस इलाक़े से बाहर निकाल रहा है.

समाचार एजेंसी एएफपी से बात करते हुए संस्था की प्रवक्ता ने कहा, "एमएसएफ के अस्पताल में अब काम नहीं हो रहा. हम अभी नहीं कह सकते कि एमएसएफ का ट्रॉमा सेंटर कभी कुंदुज़ में खुलेगा या नहीं."

स्थिति गंभीर

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एमएसएफ का दावा है कि यह अस्पताल कुंदुज़ और पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में हज़ारों लोगों के लिए काफी मददगार था.

कुंदुज़ की लड़ाई से बचकर निकले एक डॉक्टर जमाल ख़ान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "वहां कोई डॉक्टर नहीं है, दवा नहीं है, कोई इलाज नहीं हो पा रहा."

उन्होंने कहा कि शहर में लोग मारे जा रहे हैं लेकिन शव उठाने के लिए भी कोई मदद नहीं कर रहा और करीब 4 हज़ार लोग शहर को छोड़ने पर मजबूर हुए हैं.

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