कुंदुज़ को छुड़ाने के लिए सैनिक कार्रवाई

kunduz attack

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इमेज कैप्शन, कुंदुज प्रांत ने अप्रैल से तालिबान के अन्य विद्रोहियों से मेल के बाद काफी हमले झेले हैं.

अफ़ग़ानिस्तान की सेना ने उत्तरी शहर कुंदुज़ को तालिबान के क़ब्ज़े से छुड़ाने के लिए सैनिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

ये शहर सोमवार से तालिबान के कब्जे में है.

पुलिस के प्रवक्ता ने बताया है कि चरमपंथियों ने जेल पर क़ब्जा जमाया और तालिबान के सदस्यों सहित 500 कैदियों को छुड़ाया.

पुलिस के जाने के कुछ मिनट बाद तालिबान के लड़ाकों ने जेल की कोठरियों के दरवाज़े खोल दिए और क़ैदी फ़रार हो गए.

उन्होंने बताया कि बाहर सड़कों पर तालिबान लड़ाके छोटे और भारी हथियारों के साथ देखे गए हैं

afgaan army arrive

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इमेज कैप्शन, सेना के बचाव में आए अधिकारी

शहर में बिजली और फोन नेटवर्क बंद है, जिसकी वजह फ़ौज को वापस लौटना पड़ा. उधर समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक़ कई नागरिकों को सुरक्षाबलों ने एयरपोर्ट से वापस भेज दिया .

सेना के बचाव में उतरे अधिकारी

सेना का बचाव करते हुए अफ़गान सेना के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ़ मुराद अली मुराद ने कहा कि सरकार को जान-माल के नुक़सान से बचाने के लिए सेना को लौटने का सुझाव दिया गया था.

उन्होंने कहा कि सेना सही समय पर वहां पहुंच गई थी, लेकिन नागरिकों की जान बचाने के लिए विशेष सर्तकता बरती गई.

कुंदुज सांकेतिक और सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. देश के उत्तरी हिस्से में परिहवन के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होने के साथ ये सत्ता से बेदख़ल होने से पहले तालिबान की मज़बूत पकड़ के लिए जाना जाता है.

Talibaan attack

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इमेज कैप्शन, अब-तक बड़ा तालिबानी हमला

2001 के बाद तालिबान का बड़ा हमला

ये हमला राष्ट्रपति अशऱफ ग़नी के एक साल का कार्यकाल पूरा होेने के आसपास हुआ है.

वर्ष 2001 के बाद से कुंदुज ऐसा पहला प्रमुख प्रांत है जहां तालिबान ने अपनी सत्ता गंवाने के बाद कब्जा किया है. ये हमला काफी प्रभावी माना जा रहा है.

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