अमरीका: नहीं बढ़ी ब्याज दर, भारत पर असर?

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अमरीकी केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फ़ैसला किया है.
गुरुवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक के बाद बैंक ने कहा कि अगले कुछ महीनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है.
फेड़रल रिज़र्व ने लगभग नौ साल से ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है. पिछली बार 2006 में फेड ने ब्याज दरें बढ़ाई थी.
जानकारों के अनुसार ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करने की वजह चीन की ख़राब अर्थव्यवस्था और अमरीका में महंगाई दर का कम होना है.
इसके अलावा अमरीकी अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ रही है, बेरोज़गारी दर 5.1 प्रतिशत के निचले स्तर पर है और महंगाई भी काबू में है.
भारत को क्या मिला?

अमरीकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के फ़ैसले से विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाज़ारों में ही जमे रहेंगे, क्योंकि उन्हें यहाँ बेहतर मुनाफ़ा मिलेगा.
भारतीय रिज़र्व बैंक जल्द ही ब्याज दरों में कमी कर सकता है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी.
ब्याज दरों में बदलाव के अटकलों के बीच भारतीय शेयर बाज़ारों में पिछले दिनों काफी उथल-पुथल रही थी, हालाँकि जानकारों के अनुसार लंबी अवधि में भारतीय बाज़ार अब भी फ़ायदे का सौदा हैं.
चीन में आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने अमरी़का और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है.
भारत में प्याज़, दाल और सब्जियों के दाम तो अधिक हैं, लेकिन तेल की कम कीमतें और डॉलर के ऊंचे भाव के कारण आंकड़ों में महंगाई दर निम्न स्तर पर है.
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