इराक़ को लेकर बुश पर हिलेरी का पलटवार

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अमरीका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के लिए मैदान में उतरीं हिलेरी क्लिंटन ने रिपब्लिकन पार्टी के जेब बुश के इराक़़ वाले बयान पर पलटवार किया है.
मंगलवार को जेब बुश ने ओबामा प्रशासन पर 2011 में इराक़ से 'समय से पहले सेना वापस बुलाने' का आरोप लगाया था, जिसकी 'गंभीर कीमत' चुकानी पड़ी है.
हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि जेब बुश के भाई जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ही बतौर अमरीकी राष्ट्रपति इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी से जुड़ा समझौता किया था.
'एक घातक ग़लती'

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जेब बुश ने कहा कि इराक़ से सेना वापस बुलाना एक 'घातक ग़लती' थी जिससे वहां अस्थिरता फैली और इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों को इराक़ में पनपने का मौक़ा मिला.
उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पर निशाना साधते हुए कहा था, "इतिहास रचने की जल्दबाज़ी में वे शांति लाने में नाकाम रहे."
हिलेरी क्लिंटन 2009 से 2013 तक अमरीका की विदेश मंत्री थीं.
हिलेरी को फ़ायदा ?

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अमरीका में बीबीसी संवाददाता एन्थनी जुर्चर के मुताबिक़ इराक़ के मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी के जेब बुश के हमलों से हिलेरी क्लिंटन को 'इमेल सर्वर' विवाद से ध्यान हटाने का मौक़ा मिल सकता है.
हिलेरी ने विदेश मंत्री रहते हुए बहुत से ईमेल अपने निजी अकाउंट से भेजे थे, जिन्हें लेकर उन पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लग रहा है.
आइओवा में चुनार प्रचार के दौरान हिलेरी ने कहा, "जेब बुश को पूरी तस्वीर की जानकारी देनी चाहिए जिसमें जॉर्ज बुश ने 2011 में इराक़ की मलिकी सरकार के साथ सेना की वापसी के बारे में समझौता किया था."
2016 में अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं.
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