तुर्की आईएस को बचा रहा है: कुर्द नेता

कुर्द लड़ाकों के संगठन पीकेके के नेता चेमिल बेइक ने तुर्की पर आरोप लगाया है कि वो कुर्दों पर हमले कर 'इस्लामिक स्टेट' को बचाने की कोशिश कर रहा है.
चेमिल बेइक ने बीबीसी को बताया कि उन्हें लगता है कि राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोआन चाहते हैं कि आईएस कुर्द लड़ाकों को आगे बढ़ने से रोकने में सफल हो जाए.
वो कहते हैं, "तुर्की इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ने का दावा करता है लेकिन वास्तव में वो पीकेके के ख़िलाफ़ युद्ध कर रहा है."
चेमिल का कहना है, "वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि आईएस के ख़िलाफ़ पीकेके के संघर्ष पर लगाम लगा सकें."
कुर्द संगठन पीकेके ने सीरिया और इराक में आईएस चरमपंथियों के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत हासिल की है, लेकिन कई पश्चिमी देशों की तरह तुर्की भी पीकेके को एक चरमपंथी संगठन मानता है.
स्वायत्त कुर्दिस्तान की स्थापना के लिए पीकेके ने कई दशकों से लड़ाई छेड़ रखी है.
आईएस से अधिक हमले

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तुर्की में मौजूद पर्यवेक्षकों का कहना है कि पीकेके के लड़ाकों को आईएस के मुक़ाबले अधिक हमले झेलने पड़ रहे हैं.
लेकिन तुर्की के अधिकारियों ने इस बात से इंकार किया है कि आईएस के ख़िलाफ़ जारी अभियान कुर्दों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए है.
बुधवार को तुर्की ने कहा था कि वह आईएस के ख़िलाफ़ एक 'व्यापक संघर्ष' की योजना बना रहा है.
साल 1984 में तुर्की सरकार के ख़िलाफ़ पीकेके की ओर से छेड़े गए सशस्त्र संघर्ष के बाद से अब तक 40,000 लोगों की मौत हो चुकी है.
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