आईएस और कुर्द ठिकानों पर तुर्की की बमबारी

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तुर्की वायु सेना के विमानों ने खुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले संगठन के सीरिया स्थित ठिकाने पर हवाई हमले किए हैं.
सेना के विमानों ने कुर्द लड़ाकों के उत्तरी इराक़ स्थित ठिकाने को भी निशाना बनाया है.
2013 के संघर्षविराम के बाद ये पहली बार है जब तुर्की ने कुर्द चरमपंथियों पर हमला किया है.
अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कुर्द संगठन पीकेके ने कहा है कि संघर्षविराम का कोई मतलब नहीं है.
वहीं इस्लामिक स्टेट पर लगातार दूसरे दिन हवाई हमले हुए हैं.
'दो पुलिस अफ़सर मारे'

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बीते हफ़्ते तुर्की शहर सुरुच में हुए बम धमाके के बाद इस चरमपंथी संगठन पर हवाई हमले किए जा रहे हैं. उस धमाके में 32 लोग मारे गए थे.
कुर्द लड़ाकों का संगठन पीकेके तुर्की में स्वायत्त कुर्दिस्तान की स्थापना के लिए कई दशक से लड़ रहा है.
पीकेके के लड़ाकू विंग ने बुधवार को दो तुर्की पुलिस अफ़सरों को मारने की बात क़बूल की है.
'सुरुच धमाके में हाथ'

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पीकेके ने यह दावा भी किया कि सुरुच में हुए इस्लामिक स्टेट के धमाके में उसका भी हाथ था.
तुर्की प्रधानमंत्री अहमत दावुतोलु ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट पर हुआ हमला एक बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा, “यह एक दिन या एक इलाक़े तक सीमित रहने वाली प्रक्रिया नहीं है. तुर्की के ख़िलाफ़ होने वाली कार्रवाई का ज़बरदस्त जवाब दिया जाएगा.”
उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरत पर अपने सैनिको को सीरिया भेजने के लिए भी तुर्की तैयार है.
प्रधानमंत्री ने बताया है कि पीकेके और आईएस से जुड़े करीब 600 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. तुर्की के विदेश मंत्री के मुताबिक उत्तर सीरिया को आईएस से मुक्त कराया जाएगा और विस्थापित लोग वहाँ रह सकते हैं.
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