आगज़नी में डेढ़ साल के फ़लीस्तीनी बच्चे की मौत

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इसराइली पुलिस के मुताबिक पश्चिमी तट इलाक़े में संदिग्ध यहूदियों की लगाई आग की चपेट में आकर डेढ़ साल के एक फ़लीस्तीनी बच्चे की मौत हो गई है.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, इसराइल के दूमा गांव में डेढ़ साल का एक फ़लस्तीनी बच्चा अपने परिवार वालों के साथ सोया हुआ था जब उस घर में आग लगा दी गई. बच्चे के माता पिता और चार साल का भाई इस आग में बुरी तरह झुलस गया.
'बदला'

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हमलावरों ने एक घर के बाहर एक तख़्ती छोड़ दी, जिस पर हिब्रू में लिखा था, ‘बदला’.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस घर पर आग का गोला फेंका गया था. बच्चे के पिता अपनी पत्नी और बड़े बच्चे को बाहर निकालने में कामयाब रहे, पर वे उस नवजात को नहीं बचा पाए. इस आगजनी में एक दूसरे घर को भी नुक़सान पंहुचा.
'राष्ट्रवादी मंसूबा'

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इसराइली पुलिस की प्रवक्ता लुबा सामरी ने कहा, “ये राष्ट्रवादी मंसूबे से किया गया हमला लगता है.”
इसराइली सुरक्षा बल ने एक बयान में कहा, “शुरुआती जांच से पता चला है कि संदिग्ध हमलावर तड़के ही गांव में घुस गए, उन्होंने घरों में आग लगा दी और घरों पर हिब्रू में नारे लिख दिए. फ़िलहाल, हम संदिग्ध हमलावरों का पता लगाने की कोशिश कर रह हैं.”
वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्विटर पर लिखा है, "ये हर मायने में आतंकवाद की घटना है. चाहे ये किसी ने भी किया हो इसराइल आतंकवाद के खिलाफ़ कड़ा रुख़ अपनाता है."
वहीं फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन ( पीएलओ) ने कहा है कि वो बच्चे की बर्बर हत्या के लिए इसराइल सरकार को दोषी मानता है.
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