'मैं समलैंगिक हूं लेकिन महिला से शादी की है'

इमेज स्रोत, BBC

    • Author, विक्टोरिया डर्बीशायर और मेगन ब्रामाल
    • पदनाम, विक्टोरिया डर्बीशायर कार्यक्रम से

ब्रिटेन और दूसरे पश्चिमी देशों में कई समलैंगिक दोहरी जिंदगी जीने को विवश हैं.

दशकों पहले समलैंगिक पुरुष समाज की लगातार उपेक्षा और बहिष्कार के कारण अपनी यौनिकता छिपाते थे और किसी महिला से शादी कर लेते थे.

आज जब समाज ऐसे रिश्तों को कबूल करने लगा है तब भी कई ऐसे समलैंगिक हैं जो अपनी शादी में बने रहना चाहते हैं.

आखिर उन्हें अब कौन सी दिक्कतों या उलझनों का सामना करना पड़ रहा है?

पढ़ें ये आलेख

50 साल के निक (बदला हुआ नाम) की शादी 30 साल पहले हुई थी.

वे बताते हैं, "मेरी पत्नी को जब मेरे समलैंगिक होने की बात पता चली तो उसने पूछा कि क्या मैं उससे अलग होना चाहता हूं. मैंने कहा नहीं. मेरी हकीकत जो हो, लेकिन ये भी सच है कि वो मेरी सच्ची दोस्त है. इसलिए मैंने तय किया कि हम एक साथ आगे भी जिंदगी जीएंगे."

निक ने अपनी पत्नी को वादा किया है कि वो फिर किसी पुरुष से शारीरिक संबंध नहीं बनाएंगे.

लेकिन क्या वो वादा पूरा करेंगे? निक कहते हैं, "मुझे उम्मीद है, मेरा इरादा तो है."

निक बताते हैं कि परिवार के दूसरे सदस्य उनके बारे में नहीं जानते इसलिए वे चाहते हैं कि वे इसे रहस्य भी बनाए रखें ताकि उनकी पत्नी को कोई दिक्कत न हो.

निक 'गे मैरिड मैन' के सदस्य हैं. 10 साल पहले मैनचेस्टर में समलैंगिकों के हित के लिए ये समूह बनाया गया था. ये उन समलैंगिकों का समूह है जिन्होंने महिला से शादी की.

निक समूह के लिए वेबसाइट चलाने में मदद करते हैं. समूह शुरू किया था जॉन ने जो एक समलैंगिक हैं.

'समझने में वक़्त लगा'

जॉन बताते हैं कि 'गे मैरिड मैन' के ज्यादातर समलैंगिक पुरुष सदस्य अधिक उम्र वाले हैं जिन्होंने 70 या 80 के दशक में महिलाओं से शादी की. तब समाज समलैंगिकों के प्रति अधिक कठोर था.

जॉन मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में लेक्चरर हैं, और उनकी शादी को सात साल हो चुके हैं.

वे कहते हैं, "मैं एक समलैंगिक हूं ये समझने में मुझे काफ़ी वक्त लग गया. शुरू में तो मैं ये जानता ही नहीं था कि समलैंगिकता होती क्या चीज है. बल्कि मैं तो ये सोचा करता था कि समलैंगिक पुरुष वे होते हैं जो लंदन में रहते हैं. और जिन पर लोग हंसते हैं."

andy
इमेज कैप्शन, एंडी का कहना है कि 30 साल पहले समाज समलैंगिकों को ठीक नज़र से नहीं देखता था.

इसी तरह समूह के कई और सदस्यों की स्थितियां हैं जो अलग-अलग हैं.

कोई अब भी ये तय नहीं कर पाया है कि वो समलैंगिक है या नहीं, तो कोई अपनी यौनिकता के इस पहलू के बारे में अनजान पत्नी के साथ शादीशुदा जीवन जी रहा है.

दूसरी शादी

कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जिनका पत्नी से अलगाव हो चुका है, और कुछ ऐसे हैं जिन्होंने पहली शादी से निकलकर फिर से शादी की है, पुरुष समलैंगिक से.

जॉन ने भी 23 सालों तक पार्टनर रहे अपने पुरुष साथी से अब शादी कर ली है.

लेकिन दोबारा शादी करने के बावजूद वे ख़ुद को अधूरा और दुखी महसूस करते हैं.

जॉन
इमेज कैप्शन, जॉन का कहना है कि पुरुषों को अक्सर कोई मदद नहीं मिल पाती और वे अवसाद के शिकार हो जाते हैं.

वहीं दूसरी ओर चार बच्चों के पिता एंडी हैं जो 30 साल बाद पत्नी से अलग हुए हैं. उनकी पत्नी अब किसी और के साथ रहती हैं.

एंडी का कहना है, "मैं आज भी अपनी पत्नी को बेहद चाहता हूं. वो मेरे बहुत करीब है. बल्कि हम एक-दूसरे को जिगरी दोस्त मानते हैं"

'बच्चों की खातिर'

कुछ समलैंगिक ऐसे हैं जो अपनी पहली शादीशुदा स्थिति में ही बने रहे, उसे छोड़ नहीं पाए.

इमेज स्रोत, AFP

कुछ ने ऐसा परिवार और दोस्तों की अपेक्षाओं तो कुछ ने अपने बच्चों की खातिर किया ताकि उन्हें एक टूटे हुए परिवार का दर्द न सहना पड़े.

जॉन बताते हैं कि ये पुरुष बेहद निराश हैं और अपने हालात से उबरने के लिए छटपटा रहे हैं. कोई साथ देने वाला नहीं. कुछ तो गहरे अवसाद में हैं.

जॉन कहते हैं, "मुझे तो ये लगता है कि समलैंगिकों की दुनिया में हमारा कोई वज़ूद ही नहीं. हमारा होना छलावा है क्योंकि हम शादीशुदा हैं."

वे कहते हैं कि तो कभी ये देख कर अच्छा लगता है कि दुनिया में हम अकेले ऐसे नहीं, हमारे जैसे कई और लोग हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>