नेपाल में ‘पहली समलैंगिक शादी’

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अमरीका से आई एक वकील और एक प्रोफ़ेसर ने नेपाल में शादी की है. कहा जा रहा है कि नेपाल में ये ‘पहली समलैंगिक शादी’ है.
नेपाल में समान लिंग वाले लोगों की शादी वैध नहीं है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यौन अधिकारों को लेकर नए क़ानून का मसौदा तैयार किया जाए ताकि भेदभाव ख़त्म हो.
41 साल की कर्टनी मिशेल और 48 की सारा वेल्टन ने हिंदू रीति रिवाज़ के मुताबिक ब्याह रचाया.
समलैंगिक अधिकारों के लिए काम करने वाले स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शादी में हिस्सा लिया. नेपाली सांसद सुनीलबाबू पंत भी समारोह में शामिल हुए. उन्होंने एपी को बताया कि रुढ़ीवादी छवि रखने वाले नेपाल में दो महिलाओं की शादी का ये पहला मामला है.
'सपना पूरा हुआ'

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सांसद सुनीलबाबू पंत का कहना है कि इस शादी की कोई क़ानूनी मान्यता नहीं है लेकिन नेपाल में समलैंगिकों के अधिकारों की लड़ाई में ये बड़ी उपलब्धि है.
नेपाल में समलैंगिकों को लेकर अभी बिल का मसौदा तैयार किया जा रहा है लेकिन राजनीतिक मतभेदों के कारण इसमें देरी हो रही है.
सुनीलबाबू पंत की ब्लू डायमंड सोसाइटी कई वर्षों से समलैंगिकों के अधिकारों के लिए लड़ रही है. हाल में ही एक ट्रेवल एजेंसी खोली गई है ताकि विदेशी समलैंगिक लोगों को नेपाल में शादी और हनीमून के लिए आकर्षित किया जा सके.
नव विवाहित दंपति का कहना है कि वे नेपाल में शादी करके और समलैंगिकों के अधिकारों में योगदान देकर ख़ुश हैं.
कर्टनी मिशेल का कहना था, “2003 के बाद से समलैंगिकों के मुद्दों पर हुए प्रगति को देखकर ही मैने नेपाल आकर शादी करने का फ़ैसला किया. मैं नेपाल के प्रति अपना समर्थन जताना चाहती थी.”
पाँच साल पहले मिलने वाली कर्टनी और सारा ने नौ महीने की एक बच्ची भी गोद ली है.












