पत्नियों के सरनेम अपनाने का चलन

- Author, रजनी वैद्यनाथन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई से
अमरीकी अभिनेत्री ज़ोई साल्डान्या के पति ने शादी के बाद अपने नाम के अंत में पत्नी का कुलनाम लगाने का फैसला किया लेकिन इसे लेकर जब आलोचना शुरू हुई तो ज़ोई अपने पति के बचाव में उतर आईं.
आम तौर पर महिलाएं शादी के बाद अपने पतियों के कुलनाम को स्वीकार कर लेती हैं, लेकिन अब जमाना बदल रहा है.
जोई साल्डान्या ने अपने <link type="page"><caption> फ़ेसबुक पेज</caption><url href="https://www.facebook.com/ZoeSaldana?fref=ts" platform="highweb"/></link> पर आलोचकों को जवाब दिया है, “इसमें इतनी हैरानी की क्या बात है. क्या इसलिए कि एक आदमी अपनी पत्नी का कुलनाम स्वीकार करेगा?”
उन्होंने लिखा है, “पुरुषों! अपनी पत्नी का कुलनाम ले लेने से आपका वज़ूद ख़त्न नहीं हो जाएगा. बल्कि इसके साथ ही आप बदलाव के साथ खड़े होने वालों की सूची में याद किए जाएंगे.”
हालांकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने कुलनाम शादी के बाद भी लगाए रहती हैं या अपने पति के साथ साझा करती हैं लेकिन एक पुरुष प्रधान समाज की परम्पराएं अभी भी प्रचलित हैं.
लेकिन समय के साथ नामों में भी बदलाव आ रहे हैं.
नाम में क्या रखा है?

इमेज स्रोत, BEN MARTIN
बेन मार्टिन (कोगहिल) ऐसे ही नए जमाने के उन पुरुषों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी का कुलनाम अपनाया है.
स्कॉटलैंड के ग्लासगो के म्यूज़िक प्रमोटर बेन (32) कहते हैं, “मुझे अपनी पत्नी रोवान मार्टिन के नाम का उच्चारण काफ़ी पसंद है और इसलिए उसे बदल कर उसे बर्बाद नहीं करना चाहता.”
शुरुआत में बेन की बहन को इससे कुछ आपत्ति थी लेकिन वो कहते हैं, “मैंने उन्हें समझाया कि नाम में क्या रखा है, इससे कुछ भी फर्क नहीं पड़ता.”
वो बताते हैं, “यह दिखाता है कि मैं पुरुष प्रधान समाज का विचार नहीं मानता और जो मैं हूँ, उससे खुश हूँ.”
साल 2013 में मैट्रिमोनियल वेबसाइट टॉपनॉट डॉट कॉम के लिए 13,000 दुल्हनों पर किए गए सर्वेक्षणों से पता चला कि 80 प्रतिशत महिलाएं अपने पति के कुलनाम को अपनाना पसंद करती हैं.
हालांकि यह संख्या लगातार कम हो रही है, क्योंकि अधिक से अधिक महिलाएं अपना कुलनाम बनाए रख रही हैं.
हाइब्रिड नामों का चलन

हार्वर्ड में अर्थशास्त्री क्लाउडिया गोल्डिन कहती हैं कि 2004 में इस मुद्दे पर उन्होंने अध्ययन किया था जिसमें पता चला कि 1970 के दशक के बाद से कॉलेज स्तर की पढ़ाई करने वाली महिलाएं अपना कुलनाम बनाए रखना शुरू कर दिया था.
लेकिन 1990 के दशक में इसमें थोड़ी कमी आई है क्योंकि अधिक से अधिक महिलाएं रिवाजों से चिपक गईं.
सिलिकॉन वैली की रहने वाली मनोचिकित्सक कैथरीन वेल्ड्स कहती हैं कि जैसे जैसे कामकाजी महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, उनमें खुद की पहचान बनाने की इच्छा भी बढ़ी है.
लेकिन क्या मर्दों में भी ऐसे बदलाव आ रहे हैं?
वेल्ड्स कहती हैं कि वो केवल दो ऐसे पुरुषों को जानती हैं जिन्होंने अपनी पत्नियों के कुलनाम अपनाए.
उनके अनुसार, “दोनों ही मामलों में पुरुषों के अपने पिता से दूर का ही नाता था और उनके बारे में वो बहुत सकारात्मक सोच भी नहीं रखते थे.”
लेकिन शादी विवाह में समझौता एक प्रमुख चीज होती है. वेल्ड्स के मुताबिक़, अब अधिक से अधिक दंपत्ति अपने कुलनामों को जोड़ कर हाब्रिड नाम बना रहे हैं.
नया कबीला?

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जब बीबीसी प्रोड्यूसर एंडी ब्राउन ने हेलेन स्टोन के साथ शादी की तो दोनों ही ब्राउनस्टोन्स बन गए.
वो कहते हैं, “हेलने की बहन की पहले ही शादी हो चुकी है और उन्होंने अपने पति का कुलनाम अपना लिया है. लेकिन वो नहीं चाहती थीं कि स्टोन कुलनाम ख़त्म हो जाए.”
उनके अनुसार, “हमें एक नया कबीला बनाने का विचार काफ़ी पसंद आया.”
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