आईएस का बढ़ना दुनिया की नाकामी: इराक़

शिया वालंटियर

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इमेज कैप्शन, इराक में इस्लामिक स्टेट से लड़ने में शिया वालंटियर अहम साबित हुए हैं

इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने कहा है कि उनके देश में इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों का लगातार आगे बढ़ना पूरी दुनिया की नाकामी है.

उन्होंने कहा कि रूस और ईरान पर लगी पाबंदियों की वजह से इराक़ के लिए हथियार ख़रीदना मुश्किल हो गया है और उसे 'न के बराबर हथियार' मिले हैं.

दुनिया के 20 देशों के नेता इस्लामिक स्टेट से निपटने की रणनीति पर विचार के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में बैठक कर रहे हैं, लेकिन रूस, ईरान और सीरिया इसमें शामिल नहीं हैं.

अमरीकी हवाई हमलों के बावजूद इस्लामिक स्टेट ने हाल के दिनों इराक़ में रमादी और सीरिया में पल्माइरा और तदमुर जैसे नए इलाकों पर नियंत्रण किया है.

इराक़ के प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस्लामिक स्टेट को रोकने के लिए दुनिया से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है.

उन्होंने कहा, "हवाई मदद काफ़ी नहीं हैं."

पेरिस में मंथन

इराक की सेना

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इमेज कैप्शन, इराक के प्रधानमंत्री के मुताबिक उनकी सेना के पास आईएस से लड़ने को पर्याप्त हथियार नहीं हैं

पेरिस में जुटे नेताओं ने कहा कि वो इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े वाले शहरों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने पर ध्यान देंगे और चरमपंथियों के धन के स्रोतों और नए लड़ाकों की भर्ती को भी रोकने का प्रयास करेंगे.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी चोटिल होने की वजह से बैठक में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.

पेरिस में हो रही बैठक इराक़ के अनबार प्रांत के पुलिस बेस पर इस्लामिक स्टेट के आत्मघाती हमले के एक दिन बाद हो रही है, जिसमें 45 लोग मारे गए थे.

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