हमास ने किया ग़ज़ा में क़त्लेआम: एमनेस्टी

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एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ग़ज़ा पट्टी में हमास ने हत्या, अपहरण, यातनाएं देने जैसे गंभीर अपराध किए और मानवाधिकारों का उल्लंघन किया.

रिपोर्ट में कहा गया कि हमास ने साल 2014 में फलस्तीनी नागरिकों के साथ तरह-तरह के अत्याचार किए.

पिछले साल ग़ज़ा में इसराइल और चरमपंथियों के बीच चली 50 दिन की लड़ाई के दौरान ऐसा हुआ.

ये लड़ाई आठ जुलाई से 26 अगस्त 2014 तक चली थी.

'बदले की कार्रवाई'

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रिपोर्ट के अनुसार, "जहां एक तरफ़ इसराइल की सेनाएं ग़जा में लोगों पर अत्याचार कर रही थीं, उन्हें मार रही थीं, वहीं दूसरी ओर हमास ने मौके का फ़ायदा उठाकर बदले की भावना के तहत कई फलस्तीनियों का क़त्लेआम किया."

इसराइल और चरमपंथियों के बीच हुई इस लड़ाई में 2,189 फ़लस्तीनी मारे गए जिनमें 1,486 आम नागरिक थे. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इस लड़ाई में 11 हज़ार लोग घायल भी हुए थे.

इसराइल की तरफ़ से 67 सैनिक और छह नागरिक मारे गए थे.

इस रिपोर्ट में एमनेस्टी ने ग़ज़ा पट्टी पर की गई कार्रवाई के लिए इसराइल और फलस्तीनी चरमपंथियों की ज़बरदस्त आलोचना की.

इसराइल और हमास दोनों ने ही एमनेस्टी के आरोपों से इनकार किया.

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