जगह देख कर खुद को सिकोड़ लेगी ये कार

इमेज स्रोत, DFKI GmbH Robotics Innovation Center

    • Author, डेविड के. गिब्सन
    • पदनाम, बीबीसी ऑटोस

ये कार निकट भविष्य में शहरी आबादी की सबसे लोकप्रिय कार बन सकती है. ये चलने में तो स्मार्ट है ही, रखने में भी स्मार्ट है.

एक ही जगह पर खड़े-खड़े चारों और घूम सकती है ये कार. अपने आप चलने वाली ये कार, किसी भी एंगेल पर चल सकती है और पार्क भी अपने आप होती है.

ईओ दो सीटों वाली सिटी कार है. इसकी लुक स्पोर्टी है और दरवाज़ें कैंची के अंदाज़ से खुलने वाले हैं.

इतना ही नहीं, आपके बुलाने पर ये कार आपको पिक करने आ सकता है. और, काफी चिकनी सतह पर ये कार अपने आप रुक भी सकती है.

इस कार को जर्मनी के आर्टिफिशियल इंटेलिशेंस रोबोटिक्स इनोवेशन के रिसर्च सेंटर में तैयार किया गया है.

64 किमी प्रति घंटा रफ़्तार

ये चार हब-इलेक्ट्रिक मोटर्स से चलती है. इसका वज़न है 748 किलोग्राम है और ये 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल सकती है.

इमेज स्रोत, DFKI GmbH Robotics Innovation Center

इसको बनाने में काफ़ी ज़्यादा ग्लास का इस्तेमाल किया गया है.

इसके चक्के एक्सल के अंत में लगे होते हैं, जिसके चलते कार एक स्पॉट से चारों तरफ़ घूम सकती है. यही नहीं, इसके चारों चक्के एक ही दिशा में टर्न भी हो सकते हैं, किसी भी एंगल पर. हालांकि इसे परंपरागत कारों की तरह भी मोड़ा जा सकता है.

लेकिन इस कार की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि इसकी पार्किंग को लेकर लगभग कोई समस्या नहीं होगी.

कार स्कूटर जितनी छोटी बनेगी

पार्किंग के लिहाज़ से ये कार ख़ुद ही पार्क होती है. पार्किंग के समय ये आगे से उठ सकती है और एक्सल के सहारे खड़ी होकर फ़ोल्ड हो जाती है.

ऐसे में इसे पार्क करने के लिए 8.2 फ़ीट की जगह 4.9 फ़ीट जगह की ही जरूरत पड़ेगी, एक वेस्पा स्कूटर से भी कम जगह.

इमेज स्रोत, DFKI GmbH Robotics Innovation Center

गूगल की सेल्फ़ ड्राइविंग कार की तरह से ईओ कार में कई सेंसर लगे होते हैं. इसमें आगे और पीछे स्टीरियो कैमरे, 3डी इनवायरमेंट स्कैनर और इमेजिंग कैमरे लगे होते हैं. यानी कार को अपने आसपास के बारे में रियल टाइम अवेयरनेस होता है.

इस कार को बनाने वाली टीम का दावा है कि आने वाले दिनों में इसे और बेहतर बनाया जा सकता है.

दूसरी कारों से 'संवाद' करेगी कार

निकट भविष्य में इंटीलेजिंस सिस्टम हाईवे के ज़रिए कई कारों को एक साथ जोड़कर चलाया जा सकेगा. इससे कारें एक दूसरे के साथ अपनी ऊर्जा को शेयर कर सकती हैं.

इससे सफ़र ज़्यादा सुरक्षित हो सकेगा. ऐसी सूरत में कार चालकों को भी आराम मिल सकता है, क्योंकि किसी एक के कार चलाने पर पूरी पलटन चल सकती है.

जाहिर है कि ईओ कार अभी कांसेप्ट के स्तर पर ही है और आने वाले दिनों में इसमें काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

<italic><bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/autos/story/20150519-meet-the-shape-shifting-city-car-of-tomorrow" platform="highweb"/></link> यहाँ पढ़ें जो <link type="page"><caption> बीबीसी ऑटो</caption><url href="http://www.bbc.com/autos" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>

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