सऊदी ने कहा यमनी घर छोड़ें

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सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब गठबंधन के विमानों ने यमन के सीमावर्ती ज़िलों में पर्चे गिराकर लोगों को इलाक़ा खाली करने की चेतावनी दी है.
इन इलाक़ों में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हवाई हमले ज़ारी हैं.
ये पर्चे सादा प्रांत के ओल्ड सादा इलाक़े में गिराए गए हैं. ये विद्रोहियों का गढ़ है.
हाल ही में हूती विद्रोहियों ने सादा से सऊदी अरब में हमले किए है जिनमें कम से कम दस लोग मारे गए हैं.
सादा में काम कर रही संस्था डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ़) का कहना है कि लोग तुरंत सादा नहीं छोड़ पाएंगे क्योंकि वे ईधन की कमी का सामना कर रहे हैं.

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कंट्रोल और कमांड केंद्र पर हमला
अरब गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अहमद असीरी का कहना है कि यमन के लोगों को उनकी सुरक्षा के लिए हूतियों के इलाक़े से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि सादा में हवाई हमलों के निशाने पर सऊदी अरब में हमले करने वाले रहेंगे.
ताज़ा हमलों में हूतियों के कंट्रोल और कमांड केंद्र को निशाना बनाया गया. स्थानीय नागरिकों के मुताबिक हूती आंदोलन के जनक हुसैन अल हूती के मकबरे को भी नुक़सान हुआ है.
वहीं एमएसएफ़ ने सऊदी अरब से सादा पर हमला न करने का आग्रह किया है.

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संघर्ष विराम
पेरिस में शुक्रवार को हुई एक बैठक में सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदेल अल जुबैर ने बताया कि पाँच दिनों का संघर्ष विराम 12 मई को रात 11 बजे शुरू होगा.
वरिष्ठ हूती अधिकारी मोहम्मद अल बुखैती ने बीबीसी अरबी से कहा है कि संघर्ष विराम का औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया गया है और हूती तब तक कोई जवाब नहीं देंगे जब तक एक सुनियोजित प्रस्ताव नहीं आएगा.

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संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हवाई हमलों में अब तक 1200 लोग मारे जा चुके हैं जिनमें से आधे से ज़्यादा आम नागरिक हैं.
हूतियों के विद्रोह के कारण यमन के अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राष्ट्रपति अब्दुर्रब्बूह मंसूर हादी को राजधानी सना छोड़कर दक्षिणी शहर अदन भागना पड़ा था.
फिलहाल उन्होंने सऊदी अरब में शरण ले रखी है.
सऊदी अरब यमन में फिर से मंसूर हादी की सत्ता स्थापित करना चाहता है.
सऊदी अरब का कहना है कि हूती विद्रोहियों को शिया बाहुल्य ईरान का समर्थन प्राप्त है जबकि ईरान इन आरोपों को नकारता रहा है.
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