सऊदी संघर्ष विराम के लिए तैयार

यमन

इमेज स्रोत, AP

सऊदी अरब का कहना है कि वो मानवीय आधार पर यमन में पाँच दिन के संघर्ष विराम के लिए तैयार है.

सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब गठबंधन ने छह सप्ताह पहले यमन में हवाई हमले शुरू किए थे.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अब तक इन हमलों में 1,400 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी का कहना है कि सऊदी अरब और यमन में हूती विद्रोही इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि संघर्ष विराम कब से शुरू किया जाए.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री का कहना है कि कोई भी समझौता विद्रोहियों के सहयोग पर निर्भर होगा.

सऊदी अरब का कहना है कि संघर्ष विराम से पहले हूती विद्रोहियों को हथियार डालने होंगे.

अभी विद्रोहियों ने कोई जवाब नहीं दिया है.

यमन

इमेज स्रोत, AFP

नागरिक फँसे

सऊदी अरब यमन में अपदस्थ राष्ट्रपति अब्दुर्रब्बुह मंसूर हादी की सरकार स्थापित करना चाहता है.

हादी फ़रवरी में राजधानी छोड़कर दक्षिणी शहर अदन चले गए थे जहाँ से उन्हें भागकर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी थी.

सुन्नी बाहुल्य सऊदी अरब शिया बाहुल्य ईरान पर हूती विद्रोहियों का साथ देने के आरोप लगाता रहा है. हालांकि ईरान इन आरोपों को नकारता है.

हाल के हफ़्तों में अदन में भीषण लड़ाई हुई है और सैंकड़ों परिवार शहर के भीतरी इलाक़ों में फँसे हैं.

हूती विद्रोही

इमेज स्रोत, AFP

वित्तीय मदद

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक यमन संघर्ष में अब तक छह हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें अधिकतर अदन के नागरिक है.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक प्रेस वार्ता में सऊदी के विदेश मंत्री आदेल अल ज़ुबेर ने कहा कि अरब यमन को 27.4 करोड़ डॉलर की मानवीय मदद देगा.

हालांकि यमन में काम कर रहे समूहों का कहना है कि लड़ाई को पूरी तरह रोके बिना यमन में हालात बेहतर नहीं किए जा सकते हैं.

यमन इस समय ईधन की कमी से जूझ रहा है और नागरिकों के लिए हालात मुश्किल होते जा रहे हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>