ईरान मौके का फ़ायदा उठाएः ओबामा

ओबामा नवरोज़

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के लोगों से कहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्तों में बदलाव लाने के लिए समझौता करना संभव है.

ओबामा ने फ़ारसी नव वर्ष (नवरोज़) के मौक़े पर अपने एक <link type="page"><caption> वीडियो संदेश</caption><url href="https://www.youtube.com/watch?v=X3xI6aGA-gk&feature=youtu.be" platform="highweb"/></link> में कहा, "दशकों बाद दोनों देशों के बीच अलग भविष्य के लिए बेहतर मौक़ा आया है."

दुनिया के छह बड़े देश अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन और रूस ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ने यह स्वीकार किया कि इस वार्ता में अभी काफी 'मतभेद' है, लेकिन वह इसको लेकर आशान्वित हैं.

'मौका नहीं चूकना चाहिए'

र्ईरान परमाणु कार्यक्रम

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ओबामा ने कहा, "मुमकिन यह कि यह मौक़ा तुरंत न आए, लेकिन मुझे भरोसा है कि दोनों देशों के पास यह ऐतिहासिक मौक़ा है कि इस मसले का शांतिपूर्ण तरीक़े से हल निकाला जाए और हमें यह मौक़ा नहीं चूकना चाहिए."

उन्होंने कहा कि अगर ईरान के नेता इस समझौते के लिए सहमति जताते हैं तो देश संपन्नता के रास्ते पर अागे बढ़ेगा.

प्रस्तावित समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों को सीमित करने और उसके बदले उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की बात है.

जॉन केरी

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इमेज कैप्शन, जॉन केरी ने परमाणु वार्ता में अमरीका का प्रतिनिधित्व किया

हालांकि इस महीने की शुरुआत में 47 अमरीकी रिपब्लिकन सीनेटरों ने ईरान के नेतृत्व को यह चेतावनी दी है कि ओबामा का कार्यकाल ख़त्म होने के साथ ही तेहरान के परमाणु कायर्क्रम से जुड़े समझौते को रद्द किया जा सकता है.

पश्चिमी देशों को संदेह है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने का प्रयास कर रहा है जबकि ईरान का कहना है कि उसकी परमाणु गतिविधियों का उद्देश्य ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है.

गुरुवार को अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी और ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद ज़रीफ़ के बीच स्विट्ज़रलैंड में चौथे दिन भी बातचीत जारी रही.

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