'ईरान से कम पर नहीं मानेगा सऊदी'

सऊदी अरब के प्रिंस तुर्की अल फ़ैसल
इमेज कैप्शन, सऊदी अरब की ख़ुफ़िया सेवा के पू्र्व प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फ़ैसल.
    • Author, बार्बरा प्लेट अशर
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, रियाद

सऊदी अरब के प्रिंस तुर्की अल-फ़ैसल ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते से अन्य देश भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेंगे.

बीबीसी से बात करते हुए प्रिंस तुर्की अल-फ़ैसल ने कहा ''मैं हमेशा से ये कहता आ रहा हूं कि इस वार्ता का जो भी नतीजा निकलता है सऊदी अरब भी वही मांगेगा."

सऊदी अरब की ख़ुफ़िया सेवा के पूर्व प्रमुख अल-फ़ैसल ने कहा, "अगर ईरान को यूरेनियम संपन्न बनने की अनुमति मिल जाती है तो चाहे वो किसी भी स्तर की हो फिर सऊदी अरब ही नहीं अन्य देश भी यही चाहेंगे.''

दुनिया के छह प्रमुख देशों और ईरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने को लेकर समझौते पर बातचीत हो रही है.

मार्च में होना है समझौता

ईरान न्यूक्लियर समझौते में भाग लेने वाले नेता

इमेज स्रोत, BBC World Service

इमेज कैप्शन, ईरान न्यूक्लियर समझौते में भाग लेने वाले नेता.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक वार्ता के लिए मार्च में एक समझौता होना है जिसमें अमरीका, ब्रिटेन , फ्रांस , जर्मनी , रूस, चीन और ईरान शामिल होंगे. समझौते के बाद ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी इस महीने ईरान के साथ वार्ता के बाद खाड़ी देशों की यात्रा पर गए थे. इस दौरे पर उन्हें खाड़ी नेताओं ने कहा था कि वह परमाणु हथियार से लैस ईरान के बारे में चिंतित हैं.

सऊदी अरब का मानना है कि ईरान चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ शिया लड़ाकों की मदद कर रहा है.

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