पत्रकार ने रिहाई के लिए छोड़ी नागरिकता

मोहम्मद फ़ाहमी, मिस्र की जेल में बंद अल जज़ीरा के पत्रकार

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मिस्र की जेल में बंद अल-जज़ीरा के दो पत्रकारों में से एक मोहम्मद फ़ाहमी ने अपनी रिहाई के लिए मिस्र की नागरिकता छोड़ दी है.

फ़ाहमी के परिवार ने इसकी पुष्टि की.

कनाडा के भी नागरिक फ़ाहमी के भाई ने संवाददाताओं को बताया कि फ़ाहमी को अपनी नागरिकता या रिहाई में से एक को छोड़ने के लिए कहा गया था.

कनाडा का कहना है कि फ़ाहमी की रिहाई तय है, लेकिन जेल में बंद दूसरे पत्रकार बाहेर मोहम्मद के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.

400 दिन से क़ैद

पीटर ग्रेस्टे जिन्हें रविवार को रिहा किया गया है, उनका कहना था कि वो काहिरा की जेल में बंद अपने सहकर्मियों को लेकर 'चिंतित' हैं.

फ़ाइल फोटो

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इमेज कैप्शन, तीनों पत्रकारों को 2013 में गिरफ़्तार किया गया था

ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार ग्रेस्टे को 400 दिन बाद जेल से रिहा कर उनके देश ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया था.

साल 2013 में इन तीनों पत्रकारों को गिरफ़्तार किया गया था.

इन पर पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को अपदस्थ किए जाने के बाद प्रतिबंधित समूह मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ बैठकें करने का आरोप था.

हालाँकि तीनों ने ही अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों से इंकार किया था.

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