मिस्र: अल जज़ीरा का पत्रकार रिहा

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मिस्र में अल जज़ीरा के पत्रकार पीटर ग्रेस्टे को रिहा कर दिया गया है.
मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी और पुलिस का कहना है कि पीटर ग्रेस्टे को मिस्र से उनके देश भेजा जाएगा.
जबकि काहिरा हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार वह एक उड़ान पर सायप्रस रवाना हो गए हैं.
बीबीसी के पूर्व संवाददाता ऑस्ट्रेलिया के ग्रेस्टे को झूठी ख़बर फैलाने के आरोप में दिसंबर 2013 में गिरफ़्तार किया गया था
ग्रेस्टे के साथ जेल में बंद अल जज़ीरा के दो अन्य पत्रकारों मोहम्मद फादेल फाहमी और बाहेर मोहम्मद के बारे में कुछ नहीं बताया गया है.
तीनों पत्रकारों ने ख़ुद पर लगे आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि उन पर चलाया जा रहा मुकदमा शर्मनाक है.
ऑस्ट्रेलिया भेजने का फैसला
सेना ने 2013 में मोहम्मद मोर्सी को राष्ट्रपति पद से अपदस्थ कर दिया था. सरकार ने इन तीनों पत्रकारों पर 'आतंकवादी' संगठन घोषित मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ ग़ैरक़ानूनी बैठकें करने का आरोप लगाया था.

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मिस्र के एक अधिकारी ने रविवार को समाचार एजेंसी एजेंसे फ्रांस प्रेस को बताया, "राष्ट्रपति ने पीटर ग्रेस्टे को ऑस्ट्रेलिया भेजने का फैसला किया है."
एक अन्य अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ग्रेस्टे की रिहाई में काहिरा स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास ने सहयोग किया.
काहिरा में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मिस्र के क़ानून के मुताबिक इन परिस्थितियों में रिहा किए व्यक्ति को बाकी की सजा उनके देश में पूरी करनी होती है या फिर उनके देश में फिर से मुकदमा चलाया जाता है.
यह अभी साफ़ नहीं हो पाया है कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी किन शर्तों पर राजी हुए.
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