मिस्र: 183 लोगों की मौत की सज़ा कायम

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मिस्र की एक अदालत ने साल 2013 में पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुस्लिम ब्रदरहुड के 183 समर्थकों की मौत की सज़ा के फ़ैसले को क़ायम रखा है.
इन लोगों को काहिरा के नज़दीक एक पुलिस स्टेशन पर हमले में 11 पुलिसकर्मियों की हत्या का दोषी पाया गया था.
जुलाई 2013 में राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को अपदस्थ करने के विरोध प्रदर्शनों के दौरान यह हमला किया गया था.
मोरसी समर्थकों को मौत की सज़ा के सैकड़ों फ़ैसले हुए हैं, लेकिन अब तक किसी पर अमल नहीं हुआ है.
दो दोषमुक्त

इन 188 अभियुक्तों में से 140 हिरासत में हैं जबकि अन्य को उनकी ग़ैरहाज़िरी में सज़ा सुनाई गई है.
अदालत ने इस मामले में एक नाबालिग को 10 साल की सज़ा सुनाई है और अन्य दो को दोषमुक्त करार दिया.
सोमवार को सुनवाई के दौरान दो अभियुक्तों से अभियोग हटा दिए गए क्योंकि अदालत ने पाया कि उनकी मौत हो गई है.
मिस्र के सर्वोच्च धार्मिक नेता ग्रैंड मुफ़्ती ने भी इस फ़ैसले का समर्थन किया है. लेकिन इसके ख़िलाफ़ अपील की जा सकती है.
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