पत्रकारों पर फिर से होगी सुनवाई

मिस्र की शीर्ष अदालत ने अल-जज़ीरा के तीन सज़ायाफ़्ता पत्रकारों के मामले में फिर से सुनवाई शुरू करने का फ़ैसला लिया है.
यह फ़ैसला राजधानी क़ाहिरा की अदालत ने अल-जज़ीरा के पत्रकार पीटर ग्रेस्टे, मोहम्मद फ़हमी और बहर मोहम्मद की अपील पर लिया है.
इन तीनों पत्रकारों को नक़ली ख़बर फैलाने का दोषी पाया गया है. तीनों ने सज़ा के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी.
साठगांठ से इंकार

इमेज स्रोत, Reuters
एक महीने के भीतर इस मामले में फिर से सुनवाई शुरू की जाएगी लेकिन सुनवाई तक तीनों हिरासत में रहेंगे.
तीनों पत्रकारों ने प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड से साठगांठ होने की बात से इंकार किया है.
उनका कहना है कि वे सिर्फ़ रिपोर्टिंग कर रहे थे.
तीनों के ऊपर 2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के सैन्य तख़्तापलट के बाद प्रतिबंधित संगठन की मदद करने का आरोप लगा था.
2013 के दिसंबर में गिरफ़्तारी के बाद तीनों जेल में एक साल की सज़ा भुगत चुके हैं.
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