संकट में है वो मकान, जहां जन्मे थे हिटलर

    • Author, बेथनी बेल
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, ब्राउनाउ

ऑस्ट्रिया के छोटे से शहर 'ब्राउनाउ एम इन' में इन दिनों एक अजीब सा संकट पैदा हो गया है.

ये संकट उस इमारत से जुड़ा है, जिसमें एडोल्फ़ हिटलर का जन्म हुआ था.

अब तक ऑस्ट्रियाई गृह मंत्रालय ने इस इमारत को किराए पर लिया हुआ था. ताकि नव नाजी इस इमारत का बेजा इस्तेमाल नहीं कर पाए.

लेकिन अब यहां सन्नाटा है और इसके मालिक इसके किसी इस्तेमाल पर सहमत नहीं हो पाए हैं.

इस इमारत में स्थित है साल्जबर्गर वॉरस्टड्ट 15. इसी मकान में हिटलर का जन्म 1889 में हुआ था.

हिटलर का परिवार 'ब्राउनाउ एम इन' में बाहर से आए थे. उनके पिता एलोइस कस्टम विभाग में काम करते थे, और उनकी तैनाती यहां हुई थी.

हिटलर से नाता

इमेज स्रोत, Getty

STYवो जिसने हिटलर को मारने की कोशिश की..वो जिसने हिटलर को मारने की कोशिश की..कभी नाज़ी समर्थक रहा जर्मन सेना का एक कर्नल आख़िरकार क्यों तानाशाह एडोल्फ़ हिटलर को मारने की साजिश में शामिल हुआ. 2014-07-20T12:58:18+05:302014-07-25T20:09:17+05:302014-07-25T20:09:17+05:302014-07-25T21:31:07+05:30PUBLISHEDhitopcat2 के जन्म के कुछ ही सप्ताह बाद उनका परिवार ब्राउनाउ में दूसरे पते पर रहने चला गया.

जब हिटलर तीन साल के थे, तब उनके परिवार ने ये शहर छोड़ दिया. हालांकि हिटलर बाद में 1938 में विएना जाने के क्रम में थोड़े समय के लिए यहां आए थे.

स्थानीय लोगों के मुताबिक़ ब्राउनाउ के इस मकान से नव STYक्या हिटलर के इशारों पर चलता था हॉलीवुड?क्या हिटलर के इशारों पर चलता था हॉलीवुड?एक नई विवादित किताब में दावा किया गया है कि हॉलीवुड के फ़िल्म स्टूडियो 1930 के दशक में जर्मनी के नाज़ी शासक हिटलर की मर्ज़ी के हिसाब से काम करते थे. लेकिन क्या ये दावे सही हैं? ये विषय अब तक क्यों इतना संवेदनशील है?2013-10-01T16:46:34+05:302013-10-02T10:56:51+05:30PUBLISHEDhitopcat2को लगाव है.

पेशे से शिक्षक जोसेफ़ कागलर बताते हैं, "मैंने इस इमरात के प्रति श्रद्धाभाव लिए इटली और फ्रांस से लोगों को यहां आते हुए देखा है. हाल में ही एक फ्रांसीसी नागरिक ने मुझसे हिटलर के जन्म स्थान के बारे में पूछा."

स्मारक बनाने की आशंका

नव नाजी लोग इस इमारत में हिटलर का स्मारक बना लेंगे, इस आशंका के चलते ऑस्ट्रियाई गृह मंत्रालय ने इसके मालिक गरलिंडे पोमर से किराए पर लिया हुआ है.

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक़ सरकार से पोमर को 6,140 डॉलर प्रति माह किराया मिल रहा है.

कई सालों तक तो इसका इस्तेमाल दिन में विकलांग लोगों के केयर सेंटर के तौर पर किया गया. लेकिन 2011 में केयर सेंटर बंद हो गया.

स्थानीय इतिहासकार फ्लोरियन कोटांको के मुताबिक़ मकान मालकिन पोमर इस इमारत में किसी तरह के बदलाव के लिए तैयार नहीं थीं.

बीते तीन साल में इस इमारत के इस्तेमाल को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए, जिसमें व्यस्क शिक्षा केंद्र, म्यूज़ियम बनाने और अन्य सरकारी केंद्र खोलने का विचार था. यहां तक कि एक रूसी सांसद ने मकान ख़रीदने का भी प्रस्ताव भी रखा.

सरकार का संकट

लेकिन गरलिंडे पोमर किसी विचार पर सहमत नहीं हुईं. ऐसे में गृहमंत्रालय ने सभी संघीय मंत्रालयों से अपील करके राय मांगी है कि इस इमारत का क्या किया जाए.

ब्राउनाउ की डिप्टी मेयर गुंटेयर प्वाइंटनर ने कहा कि गृह मंत्रालय पोमर के साथ किराए के करारनामा को ख़त्म करने पर विचार कर रही है.

इस पूरे मामले पर पोमर प्रतिक्रिया देने की लिए उपलब्ध नहीं थीं.

इस इमारत को लेकर नव नाजी लोगों की दिलचस्पी और मौजूदा संकट से स्थानीय लोग उब चुके हैं.

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