तक़रीबन एक करोड़ में बिकी 'हिटलर की पेंटिग'

हिटलर की पेंटिंग

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इमेज कैप्शन, माना जाता है कि हिटलर की पेंटिंग की कला गुणवत्ता बहुत सीमित है.

जर्मनी में एक नीलामी के दौरान वो पेंटिंग 1,61,000 डॉलर (क़रीब 99 लाख 32 हज़ार रुपये) में बिकी, जिसे माना जाता है कि एडोल्फ़ हिटलर ने बनाया था.

म्यूनिख हॉल की 1914 में बनी इस पेंटिंग को दो वृद्ध बहनों ने नीलामी के लिए रखा था. इनके दादा ने इन पेंटिंग्स को 1916 में ख़रीदा था.

नीलामी संस्था वील्डर ने कहा कि इन कलाकृतियों को मध्यपूर्व के एक व्यक्ति ने ख़रीदा है और उन्होंने अपना नाम गुप्त रखने को कहा है.

हिटलर

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इमेज कैप्शन, इससे पहले हुई एक नीलामी की, नाज़ी नरसंहार में बचे लोगों के रिश्तेदारों ने आलोचना की थी.

विशेषज्ञ हिटलर की कलाकृतियों को आम तौर पर निम्न गुणवत्ता वाला मानते हैं.

यह नीलामी जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग में आयोजित की गई थी.

नीलामी संस्था ने कहा कि चार महाद्वीपों के ख़रीदारों ने इसमें रुचि ज़ाहिर की थी.

संस्था के निदेशक कैथरीन वील्डर ने कहा कि इस पेंटिंग के साथ इसकी पहली ख़रीद का बिल भी सम्मिलित था, इसकी वजह से इस पेंटिंग की क़ीमत इतनी ऊंची हुई.

विवाद

हिटलर की पेंटिंग

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इमेज कैप्शन, पेंटिंग के नीचे हस्ताक्षर के रूप में 'ए हिटलर' लिखा देखा जा सकता है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने वील्डर के हवाले से कहा कि बिक्री करने वाले इस धनराशि का 10 प्रतिशत अशक्त बच्चों की मदद करने वाली संस्था को दान देंगे.

इससे पहले हिटलर की कलाकृतियों की नीलामी में विवाद पैदा हो गया था और नरसंहार पीड़ितों के कुछ रिश्तेदारों ने इसकी आलोचना की थी.

कलाकार बनने की चाहत रखने वाले युवा हिटलर ने वियना एकेडमी ऑफ़ फ़ाइन आर्ट्स में प्रवेश लेने की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया था.

हिटलर की पेंटिंग

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इमेज कैप्शन, इस पेंटिंग की पहली ख़रीद का बिल भी नीलामी में शामिल था.

हिटलर 1933 से 1945 के बीच जर्मनी का सैन्य तानाशाह बन गए और उन्हें द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत करने वाला माना जाता है.

इसके कारण नाज़ी शासन में साठ लाख यहूदी लोगों का नरसंहार कर दिया गया.

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