कौन थी पिकासो की मोनालिसा?

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- Author, एलिएस्टर सूक
- पदनाम, ऑर्ट क्रिटिक
स्पेन के मशहूर चित्रकार पाब्लो पिकासो की प्रेमिकाएं अलग-अलग समय में उनके चित्रों में छाई रहीं.
फर्नांदे ओलिवर, रूसी बैले डांसर ओल्गा कोकलोवा, फ्रेंग्सवाज जीलो और जैक़लीन. इसके अलावा कई अन्य महिलाएं कम वक़्त के लिए उनके संपर्क में रहीं.
लेकिन उनकी पेंटिंग्स की असल मोनालिसा कौन थी, और शायद इसका जवाब है सिलवेट डेविड.
कौन थी सिलवेट डेविड, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
जब सिलवेट डेविड 19 साल की थीं, तब उनकी मुलाक़ात चर्चित और विवादास्पद स्पेन के चित्रकार पाब्लो पिकासो से हुई.

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पिकासो तब बूढे हो रहे थे. सिलवेट से हुई मुलाक़ात के बाद पिकासो की कई कलाकृतियों में उनकी झलक मिली.
रोमांटिक पिकासो
1940 और 1950 के दशक में पिकासो के साथ रही और उनके बच्चों की मां फ्रेंग्सवाज जीलो ने 1964 में 'लाइफ़ विद पिकासो' लिखी थी.
पिकासो के साथ संबंध को जीलो ने प्रेम के साथ अपने करियर में बड़े बदलाव के रूप में देखा. पिकासो के लिए एक तरह से उन्होंने आर्ट क्रिटिक का काम किया.

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जीलो लिखती हैं, "मुझे लगने लगा था कि अगर मैं करीब से देखूं तो पाऊंगी कि उनकी आधा दर्जन पूर्व पत्नियों के सिर फंदे से लटके मिलेंगे."
उनकी प्रेमिका मैरी वॉल्टर और उनकी दूसरी पत्नी जैक़लीन रॉक दोनों ने आत्महत्या की थी.
लेकिन सभी का हश्र ऐसा नहीं रहा. एक और महिला जो कई महीनों तक पिकासो के प्रेमजाल में फंसी रही लेकिन सकुशल रही. उसका नाम था सिलवेट डिवेड.
50 बरस का अंतर
सिलवेट से पिकासो की मुलाक़ात 1954 में हुई. पिकासो तब अंतरराष्ट्रीय सैलेब्रिटी थे और फ्रांस के वैलेयुरिस में आलीशान महल में रहते थे.
70 बरस से अधिक के हो चले पिकासो की नज़र तब सिलवेट पर पड़ी. 19 साल की सिलवेट के बाल सुनहरे थे और वह सिर पर ऊंची चोटी बांधा करती थीं.

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कुछ ही महीने पहले सिलवेट और उनके मंगेतर टोबी जेलीनेक वैलेयुरिस शहर आए थे, जहाँ सिलवेट की मां रहा करती थी. टोबी फर्नीचर डिजाइनर थे और उनकी वर्कशॉप पिकासो के स्टूडियो से थोड़ी ही दूर पर थी.
यहीं से सिलवेट का पिकासो के स्टूडियो में आना-जाना शुरू हुआ. सिलवेट की पिकासो से पहली मुलाक़ात तब हुई जब पिकासो ने टोबी से कुछ कुर्सियां ख़रीदी और कुर्सियां पहुंचाने के लिए टोबी सिलवेट के साथ पिकासो के बंगले में गए.
कुछ हफ्तों बाद जब सिलवेट पिकासो के स्टूडियो से सटी दुकान में दोस्तों के साथ कॉफ़ी पीते हुए बातों में व्यस्त थी, तब सिलवेट ने देखा कि पिकासो उनकी एक तस्वीर पकड़े हुए थे.
बालों की लट
बालों की लट और पोनीटेल वाली एक महिला की यह साधारण सी तस्वीर थी.

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सिलवेट ने बाद में याद किया, "यह एक तरह का आमंत्रण था."
इसके बाद वह और उनके मित्र पिकासो के दरवाजे पर पहुँच गए. पिकासो इतने खुश हुए कि उन्होंने फौरन सिलवेट को गले लगा लिया. पिकासो खुशी में लगभग चिल्लाते हुए बोले, "मैं आपकी पेंटिंग बनाना चाहता हूँ."
अगले कुछ महीनों में अप्रैल और जून के बीच पिकासो ने सिलवेट को नियमित तौर पर अपने सामने बैठने के लिए मना लिया. पिकासो ने सिलवेट के 60 से अधिक रेखाचित्र बना डाले, जिसमें 28 कलाकृतियां शामिल थीं.
शायद यह पहली बार था कि किसी ख़ास महिला के उन्होंने इतने रेखाचित्र बनाए हों.
सिलवेट की कशिश

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पिकासो जब सिलवेट से मिले थे तो उनका निजी जीवन बुरे दौर से गुजर रहा था. एक साल पहले उनकी पत्नी जीलो उन्हें छोड़कर चली गई थी.
यह जानते हुए भी कि वह बूढे हो चले हैं और मौत उनके नजदीक है, उन्हें सिलवेट के यौवन में कुछ सांत्वना दिखी.
लेकिन सिलवेट और पिकासो ने शारीरिक संबंध नहीं बनाए. सिलवेट बेहद संकोची स्वभाव की थीं और अपनी नग्न तस्वीर भी नहीं खिंचवा सकी.
अब जबकि इन रेखाचित्रों को बने 50 से अधिक साल हो गए हैं. मैं कुछ साल पहले दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड के ग्रामीण इलाक़े में डेवोन में रह रही सिलवेट डेविड से मिला.
उनके पास चमड़े का एक बड़ा बैग था जिसमें पिकासो की तस्वीरों से जुड़ी अखबारों की कटिंग्स थी. डेविड का कहना था कि ये उनका 'मैमोरी सूटकेस' है.
पिकासो की बात छिड़ी तो उन्होंने कहा, "मैं कभी उनका पर्याप्त आभार नहीं जता पाई. आख़िर मैं उनकी मोनालिसा थी. क्या आप ऐसा नहीं सोचते?"
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