'माँ-बाप ने बोको हराम के हवाले किया'

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नाइजीरिया की एक 13 वर्षीय लड़की ने बताया कि उसके मां-बाप ने ही आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उसे चरमपंथी संगठन बोको हराम के हवाले कर दिया था.

पुलिस के एक संवाददाता सम्मेलन में लड़की ने बताया कि उसे बोको हराम के हवाले किए जाने के बाद उसे लड़कियों के एक दस्ते में शामिल किया गया.

फिर इन लड़कियों को कानो शहर ले जाया गया जहां दो अन्य लड़कियों ने ख़ुद को विस्फोट से उड़ा लिया लेकिन ये लड़की घायल हो गई.

लड़की के बयान के मुताबिक उसे घायल स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके आत्मघाती हमलावर होने की बात सामने आई और उसे गिरफ़्तार कर लिया गया.

दस दिसंबर को हुए इस आत्मघाती हमले में कम से कम चार लोग मारे गए थे. पुलिस का भी दावा है कि लड़की को बम समेत गिरफ़्तार किया गया था.

'तो जन्नत जाओगी'

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इस लड़की ने पत्रकारों को बताया कि उसके मां-बाप उसे देश के उत्तरी राज्य कानो में गिदान ज़ाना कस्बे के पास एक जंगल में चरमपंथियों के ठिकाने पर ले गए थे.

उसके मुताबिक चरमपंथियों के एक नेता ने पूछा था कि क्या वो आत्मघाती हमले के बारे में जानती है?

लड़की ने कहा, "उन्होंने पूछा क्या तुम यह कर सकती हो. मैंने कहा नहीं."

उस लड़की का कहना था, "उन्होंने कहा कि अगर तुम यह करती हो तो जन्नत जाओगी. नहीं करोगी तो गोली मार देंगे या तहखाने में फ़ेंक देंगे."

लड़की ने बताया कि वो हमलावरों का साथ देने के लिए अंततः राज़ी हो गई, लेकिन ऐसा करने की उसकी कभी मंशा नहीं थी.

बयान कितना सच?

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लड़की के बयान की सच्चाई की पुष्टि करना संभव नहीं है. संवाददाताओं ने बताया कि लड़की के पास कोई वकील मौजूद नहीं था.

कानो पुलिस का कहना था कि वो ये चाहते थे कि लड़की अपनी कहानी बताए ताकि लोगों को जानकारी मिल सके कि इस हमले के पीछे कौन था.

नाइजीरियाई मीडिया ने कानो के पुलिस कमिश्नर एडेनरेले शिनाबा के हवाले से कहा कि पुलिस इस अफ़वाह को ख़त्म करना चाहती थी कि यह हमला कबीलों के बीच विवाद से संबंधित है.

बोको हराम एक सुन्नी इस्लामी चरमपंथी संगठन है और वर्ष 2009 से ही हिंसा और तोड़फोड़ में संलिप्त है.

हाल के दिनों में इस चरमपंथी संगठन ने नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाके में कई कस्बों और गांवों पर क़ब्ज़ा कर लिया और वहां इस्लामी स्टेट बनाने की घोषणा की है.

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