इंटरनेट पर आतंकवादियों की निगरानी हो सकती है?

इमेज स्रोत, ALAMY
- Author, रोरी सेलान-जोंस
- पदनाम, तकनीकी संवाददाता
अमरीका की बड़ी-बड़ी तकनीकी कंपनियाँ, खासकर फ़ेसबुक आतंकवाद से निपटने की मुहिम में अधिक सक्रिय होने के लिए दबाव में हैं.
लेकिन सवाल ये भी है कि आतंकवादियों की निगरानी के लिए फ़िलहाल फ़ेसबुक और दूसरी तकनीकी कंपनियाँ क्या तरीक़े अपना रही हैं?
फ़ेसबुक का कहना है, "हमारी साइट पर आतंकवाद से जुड़ी सामग्री पर पाबंदी है. इसके लिए हमारी सेवाओं के इस्तेमाल पर हमने रोक लगा रखी है."
सोशल नेटवर्किंग के दिग्गज भी मानते हैं कि फ़ेसबुक आतंकवाद से जुड़ी बातों और जानकारियों को साइट से दूर रखने और क़ानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने का हर संभव प्रयास कर रही है.
शिकायत की सुविधा

इमेज स्रोत, PA
फ़ेसबुक ने अपने हर पेज पर यूज़र को सुविधा दे रखी है कि वे जैसे ही पोर्नोग्राफी या चरमपंथियों से जुड़ी कोई सामग्री देखें, तुरंत रिपोर्ट करें.
यूरोप में निगरानी रखने वाले डब्लिन सहित पूरी दुनिया में फ़ेसबुक के चार सेंटर हैं, जहां योग्य कर्मचारी साइट पर नज़र रखते हैं.
फ़ेसबुक ने चरमपंथ से किसी तरह का जुड़ाव सामने आने पर माइकल एडिबोवले के कई खातों को हटा दिया था.
कंपनी किसी अपराध की पक्की और प्रत्यक्ष जानकारी मिलने पर, जैसे कि एक व्यक्ति अपने पेज पर पत्नी की हत्या की बात कर रहा हो, संबंधित अधिकारियों से तुरंत संपर्क करती है.
लेकिन जहां फ़ेसबुक के दुनिया भर में करीब 1.3 अरब यूज़र्स हों और अपनी सरकार के साथ मतभेद रखने वाले की संख्या अच्छी-खासी हो तो ऐसे में संभावित आतंकवाद के ख़तरे बढ़ जाते हैं.
निजता

इमेज स्रोत, thinkstock
कई मामलों में चरमपंथी एक-दूसरे के साथ संपर्क साधने और संवाद करने के लिए फ़ेसबुक और ट्विटर से दूसरी साइटों पर चले जाते हैं, जिससे ख़ुफिया एजेंसियों को निगरानी करने में मुश्किल होती है.
एडवर्ड स्नोडेन का मामला सामने आने के बाद से फ़ेसबुक और अन्य दिग्गज तकनीकी कंपनियाँ परस्पर विरोध का दबाव महसूस कर रही हैं.
आजकल वे यूज़र्स को इस बात के लिए आश्वस्त करने की कोशिश कर रही हैं कि कंपनी बिना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी यूज़र की जानकारी यूं ही अधिकारियों को नहीं सौंपतीं.
लेकिन अब नए क़ानूनी नियम उन्हें मजबूर कर रहे हैं. इसके तहत वे आतंकवाद के ख़िलाफ़ ज़्यादा सक्रिय होने और अपने यूज़र्स की निजता के प्रति थोड़ा कम चिंतित रवैया अपनाने को मजबूर हो रही हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












