तुर्की पहुंचे पेशमर्गा कुर्द लड़ाके

इमेज स्रोत, AFP

डेढ़ सौ इराक़ी कुर्दिश पेशमर्गा लड़ाके तुर्की पहुंच चुके हैं जहां से वो उन इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों से जंग के लिए सीरिया में घुसेंगे, जिन्होंने कोबाने शहर को क़ब्ज़ा रखा है.

इराक़ से एक टुकड़ी ने दक्षिण पूर्वी तुर्की एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी.

तोपखाने और दूसरे हथियारों के साथ दूसरा सैन्यदल ज़मीन के रास्ते तुर्की से सफ़र कर रहा है.

कही्गेपकुर्दों को सीमा पार जाकर लड़ने की इजाज़त देने से इनकार के बाद पिछले हफ़्ते तुर्की ने इस पर सहमति जताई थी.

इमेज स्रोत,

इराक़ के कुर्द इलाक़े इरबिल में हज़ारों उत्साही समर्थकों ने झंडों के साथ पेशमर्गा के पहले दल को हवाई जहाज़ से रवाना किया.

ख़तरा

इस्लामिक स्टेट के हमलों के बाद इराक़ और सीरिया में कुर्दों की आबादी पर ख़तरा मंडरा रहा है. कुर्दिश संसद ने डेढ़ सौ पेशमर्गा लड़ाकों को कोबाने को बचाने के लिए भेजने पर सहमति जताई थी.

पीकेके यानी कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी तुर्की में दशकों पुराने चरमपंथ से लड़ती रही है हालांकि पिछले साल संघर्षविराम का ऐलान हो गया था.

इमेज स्रोत, AFP

तुर्की की सरकार को लगता है कि कोबाने में मौजूद सीरियाई कुर्दिश लड़ाके पीकेके से जुड़े हैं जिन्हें वह अब तक चरमपंथी संगठन मानती आई है.

छह हफ़्ते पहले इस्लामिक स्टेट की तरफ़ से शुरू हुए हमलों में अब तक कोबाने में 800 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दो लाख से ज़्यादा लोगों को तुर्की सीमा में घुसकर जान बचानी पड़ी है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>