अमरीका ने कुर्दों को पहुंचाए हथियार

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सीरिया के कोबानी शहर में इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों से संघर्ष कर रहे कुर्द लड़ाको की मदद के लिए अमरीकी सेना के विमान से दवाएं, हथियार और अन्य युद्ध सामान गिराए गए हैं.
अमरीकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि मदद सामग्री को कुर्द लड़ाकों तक पहुंचाने के लिए अमरीकी हवाईजहाज़ C-130 का इस्तेमाल किया गया. ये सारे सामान इराक़ी कुर्दों ने मुहैया कराए थे.

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संवाददाताओं का कहना है कि कुर्दों को अमरीकी मदद से अमरीका का सहयोगी देश तुर्की ज़रूर नाराज़ हो सकता है.
इस सामग्री को कुर्दों तक पहुंचाने का मक़सद था कि कुर्द लड़ाके आईएस का विरोध कर पाने में सक्षम रहें और कोबानी पर क़ब्ज़ा करने से उसे रोक पाए.
अमरीकी सेंट्रल कमांड के अनुसार जिन यानों को सामग्री पहुंचाने के लिए भेजा गया था वो सुरक्षित वापस आ गए हैं.
अमरीकी सेंट्रल कमांड के अनुसार अमरीकी सेना ने आईएस के ठिकाने पर अक्तूबर की शुरुआत से अब तक 135 से भी ज़्यादा हवाई हमलें किए हैं.
'ख़तरा टला नहीं'

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अमरीकी सेंट्रल कमांड ने कहा, ''इन हवाई हमलों के साथ-साथ ज़मीन पर भी इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के लगातार विरोध के कारण इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि आईएस के लड़ाके शहर में अपनी बढ़त बनाने में नाकाम रहे हैं. उनके सैकड़ों लड़ाकों को मार दिया गया है, उनके हथियार और कई ठिकाने तबाह हो चुके हैं.''
हालांकि इस्लामिक स्टेट कुर्द लड़ाकों के लिए ख़तरा बने हुए हैं और अमरीकी सेंट्रल कमांड के अनुसार कोबानी पर आईएस के क़ब्ज़े का ख़तरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है.
रविवार को तुर्की राष्ट्रपति रजेब तय्यप अर्दोआन ने कहा कि वो कुर्द लड़ाको को अमरीकी हथियार दिए जाने के ख़िलाफ़ है.
तुर्की ने कोबानी में आईएस से संघर्ष कर रहे कुर्द लड़ाको की मदद करने से ये कहकर इंकार कर दिया था कि कुर्द के चरमपंथी समूह पीकेके की तरह, ये कुर्द लड़ाके भी चरमपंथी ही हैं. तुर्की ने पीकेके के साथ दशकों लंबे विरोध का सामना किया है.
अमरीका के एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ओबामा ने तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन से बात की थी और उन्हें कोबानी में कुर्द लड़ाकों तक इन सामग्रियों को पहुंचाने की सूचना दी थी. लेकिन इसपर अर्दोआन ने क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की थी ये नहीं बताया गया.
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