मिस्र: बफ़र-ज़ोन के लिए घर तोड़ना शुरू

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मिस्र ने गज़ा पट्टी से लगने वाली अपनी सीमा पर बफ़र-ज़ोन बनाने के इरादे से वहां पहले से बने घरों को तोड़ना शुरू कर दिया है.
500 मीटर वाले इस बफ़र-ज़ोन का मक़सद हथियारों की तस्करी रोकना बताया जाता है.
प्रस्तावित बफ़र-ज़ोन के बारे में कहा जा रहा है कि ये 13 किलोमीटर के दायरे में होगा.
इस बफ़र-ज़ोन में पानी से भरी खाइयां भी होंगी ताकि कोई सुरंग भी ना बना सके.
फ़लस्तीनी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए इन सुरंगों का ख़ासा महत्व है.
इसराइल और मिस्र ने वर्ष 2007 से ही फ़लस्तीनी क्षेत्र की नाकाबंदी कर रखी है.
आरोप

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मिस्र के मीडिया में कहा जाता है कि गज़ा का हमास प्रशासन सिनाई चरमपंथियों की मदद करता है. लेकिन हमास इस आरोप से इंकार करता है.
सिनाई क्षेत्र में बीते हफ्ते चरमपंथियों ने बम हमला किया था जिसमें मिस्र के 30 सैनिक मारे गए थे.
हमले की इस घटना के बाद मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अलसीसी ने सिनाई में तीन महीने के लिए आपात स्थिति की घोषणा की थी.
फ़लस्तीनी क्षेत्र से लगने वाली सीमा पर रहने वाले लोगों अपना घर छोड़ने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया गया है और उन्हें इसके बदले मुआवज़े का वादा किया गया है.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस अवधि के दौरान जो लोग अपना घर नहीं छोड़ेंगे, उनकी सम्पत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी.
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की इस कार्रवाई से रोष पैदा होगा. उनका दावा है कि मिस्र के संविधान के मुताबिक देश में किसी को जबरन विस्थापित नहीं किया जा सकता है.
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