अशरफ़ ग़नी के सामने पांच बड़ी चुनौतियां

अशरफ़ ग़नी का शपथ ग्रहण समारोह

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    • Author, दाऊद क़ारीज़ादाह
    • पदनाम, बीबीसी के अफ़गानिस्तान संवाददाता

अशरफ़ ग़नी ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है.

राष्ट्रपति चुनावों के दौरान धांधली के आरोपों के कारण उठे विवाद के छह महीने बाद आख़िरकार अशरफ़ ग़नी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के बीच सहमति बन गई.

अमरीका की मध्यस्थता में हुए समझौते के अनुसार अशरफ़ ग़नी राष्ट्रपति बन गए जबकि अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह प्रधानमंत्री के बराबर अधिकार रखने वाले एक कार्यकारी अधिकारी को नामांकित करेंगे.

अशरफ़ ग़नी के सामने पांच बड़ी चुनौतियां गिना रहे हैं दाउद क़ारीज़ादाह

1. गठबंधन बरक़रार रखना

ग़नी, अब्दुल्लाह, केरी

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इमेज कैप्शन, गठबंधन बरक़रार रखना कड़ी चुनौती

अशरफ़ ग़नी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने इस समझौते को ईमानदारी के साथ लागू करने का ऐलान किया है.

लेकिन अब्दु्ल्लाह अब्दुल्लाह के कई प्रमुख सहयोगियों ने कहा है कि कई मामलों में गहरे मतभेद हैं.

इसलिए राष्ट्रपति ग़नी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस गठबंधन को बरक़रार रखना है.

2. अफ़ग़ानिस्तान को दोबारा पटरी पर लाना

छह महीनों से चले आ रहे गतिरोध के कारण अफ़ग़ानिस्तान का पूरा कामकाज ठप पड़ा हुआ था.

विश्व बैंक के अर्थशास्त्री होने के नाते राष्ट्रपति ग़नी आर्थिक हालात सुधारने की क्षमता तो रखते हैं लेकिन इस राह में सबसे बड़ी रूकावट व्यापक भ्रष्टाचार है.

3. लोगों की सुरक्षा

अफ़गानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना इस साल के अंत तक वापस लौट जाएगी. अगले साल से अफ़ग़ान सेना को तालिबान का सामना करना होगा.

अब तक आधुनिक हथियारों से लैस लगभग डेढ़ लाख नेटो सेना तालिबान से लड़ रही थी.

लेकिन अब लगभग साढ़े तीन लाख अफ़ग़ान सेना के लिए तालिबान का सामना करना उतना आसान नहीं होगा क्योंकि उनके पास न ही आधुनिक हथियार हैं और न ही कोई ख़ास प्रशिक्षण.

ग़नी के लिए आम नागरिकों को सुरक्षा देना मुश्किल काम होगा.

4. तालिबान से शांति वार्ता

अफ़ग़ान तालिबान

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कई अफ़ग़ान विश्लेषकों का मानना है कि अशरफ़ ग़नी के लिए तालिबान से शांति वार्ता में सफलता हासिल करना आसान नहीं है.

तालिबान तो अशरफ़ ग़नी और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह दोनों को ही 'अमरीकी कठपुतली' मानते हैं.

इसके अलावा तालिबान लड़ाई जारी रखने के ज़्यादा इच्छुक नज़र आते हैं.

5. राष्ट्रपति ग़नी की पत्नी

रूला ग़नी

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राष्ट्रपति ग़नी के लिए ये फ़ैसला करना भी बहुत मुश्किल है कि उनकी पत्नी का पूरे प्रशासन में क्या रोल होगा.

उनकी पत्नी रूला लेबनान मूल की अमरीकी नागरिक हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति की पत्नी सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं रहीं हैं.

लेकिन राष्ट्रपति ग़नी की पत्नी अपने पति के चुनाव अभियान के दौरान कई बार लोगों के बीच में देखी गईं थीं.

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