जर्मनी से अमरीकी 'जासूस' निष्कासित

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जर्मनी सरकार ने अमरीका की ओर से कथित जासूसी के दो मामले सामने आने के बाद बर्लिन में सीआईए अधिकारी के निष्कासन के आदेश जारी किए हैं.
जर्मनी के राजनेताओं के लिए सिरदर्द बन चुके इस जासूसी कांड की शुरुआत पिछले साल हुई थी.
अक्तूबर 2013 में जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को फ़ोन कर ये संदेह जताया की अमरीका उनके फ़ोन की जासूसी कर रहा है.
जून 2014 में एंगेला मर्केल की मोबाइल फ़ोन कॉल की जासूसी के आरोपों के छानबीन के लिए जर्मनी ने जांच की घोषणा की.
<link type="page"><caption> कैसे करती हैं ख़ुफ़िया एजेंसियाँ जासूसी?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131031_us_spy_leaks_ssr.shtml" platform="highweb"/></link>
फिर चार जुलाई को जर्मन ख़ुफ़िया एजेंसी के लिए काम करने वाला एक संदिग्ध अमरीकी जासूस गिरफ़्तार हुआ.
इसके बाद नौ जुलाई 2014 को रक्षा मंत्रालय में जासूसी का दूसरा मामला सामने आया.

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आख़िरकार 10 जुलाई 2014 को जर्मनी सरकार ने सीआईए अधिकारी के निष्कासन के आदेश जारी कर दिए.
गुप्त दस्तावेज़
31 वर्षीय सीआईए अधिकारी पर आरोप है कि वह अमरीकी दूतावास को जानकारियां भेजता था.
<link type="page"><caption> दोस्तों पर भरोसा करो, जासूसी नहीं: मर्केल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/10/131025_us_spying_germany_sm.shtml" platform="highweb"/></link>
जर्मन ख़ुफ़िया अधिकारी को जासूसी के संदेह में पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार किया गया था. गुरुवार को आई रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है.
सरकार के प्रवक्ता स्टीफ़न सीबर्ट ने बताया, "अमरीकी दूतावास में मौजूद अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सेवा के प्रतिनिधियों को जर्मनी छोड़कर चले जाने को कहा गया है."

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इधर अमरीका ने उस आरोप का खंडन नहीं किया है जिसमें कहा गया है कि पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार किए गए जर्मनी ख़ुफ़िया एजेंसी का कर्मचारी एनएसए (अमरीकी राष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी) को गुप्त दस्तावेज़ पहुंचाया करता था.
रिश्तों में खटास
अमरीका और जर्मनी दशकों से क़रीबी सहयोगी रहे हैं. लेकिन इन नज़दीकी रिश्तों में तब खटास आ गई जब इस बात का ख़ुलासा हुआ कि एनएसए की निगरानी में जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल के फ़ोन की जासूसी की जा रही है.
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बर्लिन में बीबीसी के स्टीफ़न इवान ने कहा कि मार्केल ने अमरीका के साथ संतुलन बनाते हुए अमरीकी कार्रवाई की निंदा करते हुए सौहार्दपूर्ण संबंधों को भी बनाए रखा है.
हालांकि ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि जासूसी के नित नए मामलें सामने आने पर ये संतुलन कितने दिन और बना रह सकता है.
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