यूक्रेन संकट: ताजा हिंसा में 25 लोग मरे

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यूक्रेन की राजधानी किएफ़ में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस के ताजा हमले में अब तक 25 लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं.

एक बयान में यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को दोनों पक्षों की तरफ से मिला कर मृतकों की संख्या 25 तक पहुंच गई है.

मारे गए लोगों में से नौ पुलिस वाले और एक पत्रकार भी शामिल हैं.

विरोध को कुचलने के नए प्रयास के तहत राष्ट्रपति यानुकोविच ने विपक्षी नेताओं पर हिंसा के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है.

रात भर चली बातचीत के विफल होने के बाद उन्होंने विपक्ष से चरमपंथी ताकतों से दूर रहने का आग्रह किया.

प्रदर्शकारियों का कहना है कि हिंसा सरकारी अधिकारियों द्वारा शुरू की गई.

पुलिस ने ताजा हमला स्थानीय समय के अनुसार तक़रीबन चार बजे इंडिपेंडेंट स्क्वायर में किया.

कई टेंटों में आग लगा दी गई और बाद में इसे बुझाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार पुलिस ने दिसंबर के बाद से पहली बार इंडिपेंडेंट स्क्वायर के एक हिस्से को अपने कब्जे में लिया है.

विरोध प्रदर्शन नवंबर के अंत में शुरू हुआ था जब राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच रूस के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण यूरोपीय संघ के साथ एक बेहद अहम माने जा रहे आपसी सहयोग और व्यापार समझौते को ठुकरा दिया था.

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

ट्रेड यूनियन की इमारत को भी आग लगा दिया गया.

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इमेज कैप्शन, ट्रेड यूनियन की इमारत को भी आग लगा दिया गया.

प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को ही अभियोजन पक्ष के खिलाफ एक आम माफी के बदले में सरकारी इमारतों से अपने कब्जे को हटाकर तनाव को कम करने की पहल की थी.

लेकिन मंगलवार सुबह संसद के बाहर उस समय हिंसा भड़क उठी जब राष्ट्रपति के संवैधानिक शक्तियों को वापस करने के विपक्ष के प्रयास को सरकार समर्थकों के द्वारा बाधित किया गया.

किएफ़ में मौजूद संवाददाताओं का कहना है कि प्रत्येक पक्ष एक-दूसरे पर दोष लगा रहे हैं लेकिन यह साफ़ नहीं है कि टकराव कैसे शुरू हुआ.

मंगलवार की शाम को आसपास की सड़कों पर संघर्ष छिड़ने के बाद पुलिस ने इंडिपेंडेंट स्क्वायर पर पहला हमला किया.

सैंकड़ों लोगों का जख्मी हालत में अस्पताल में इलाज कराया गया है और मरने वालों की संख्या अभी भी आगे बढ़ने की आशंका है.

प्रदर्शकारियों ने टायरों को जलाकर अपना सुरक्षा घेरा तैयार किया है. अभी और अधिक सरकार विरोधी प्रदर्शकारी कैंप से जुड़ रहे हैं.

विरोधियों ने ट्रेड यूनियन की जिस इमारत को अपना ठिकाना बनाया हुआ उसमें आग लगा दी गई है.

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