सऊदी अरब: फुटबॉल और धर्म को लेकर जुबानी जंग

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- पदनाम, क्या है लोकप्रिय और क्यों
क्या फ़ुटबॉल के खेल और धर्म के बीच कोई संघर्ष है? सऊदी अरब के एक धार्मिक नेता कुछ ऐसा ही सोचते हैं.
बड़ी संख्या में लोगों द्वारा देखे गए एक यूट्यूब वीडियों में धार्मिक नेता ने फ़ुटबॉल के खेल को 'जुनूनी' बताते हुए कहा कि यह खेल समाज को विनाश की दिशा में ढकेल रहा है.
कई बार कहा जाता है कि फ़ुटबॉल एक नया धर्म है लेकिन शेख़ इब्राहिम अल-ज़ोबायदी का नज़रिया ऐसा नहीं है. उनका एक<link type="page"><caption> वीडियो </caption><url href="http://www.youtube.com/watch?a=&feature=youtu.be&v=qQIMa_IZivA&desktop_uri=/watch%3Fv%3DqQIMa_IZivA%26feature%3Dyoutu.be%26a%3D&app=desktop" platform="highweb"/></link>शनिवार को यूट्यूब पर पोस्ट किया गया.
इसमें उन्होंने खेल के प्रति 'जुनून' की भर्त्सना की है. इसी दिन सऊदी अरब की दो कद्दावर टीमों अल-नसर और अल-हिलाल के बीच फ़ुटबॉल मैच हो रहा था. इस वीडियो को 70 हज़ार से अधिक बार देखा गया.
इसमें उन्होंने अल-नसर के समर्थकों द्वारा इस्तेमाल होने वाले <link type="page"><caption> लोकप्रिय हैशटैग</caption><url href="https://twitter.com/search?q=%20%D9%85%D8%AA%D8%B5%D8%AF%D8%B1_%D9%84%D8%A7%D8%AA%D9%83%D9%84%D9%85%D9%86%D9%8A%23%20&src=typd&f=realtime" platform="highweb"/></link> का इस्तेमाल करते हुए अपनी बात कही, जिसका अर्थ है "मेरी टीम बढ़त हासिल कर रही है, मुझसे बात मत करो."
'जुनून एक बीमारी'
इसे सबसे पहले एक आर्सनल समर्थक ने प्रीमियर लीग के समय अरबी-भाषी प्रशंसकों की भावनाओं के प्रदर्शन के लिए किया था. इस लीग में आर्सनल ने शानदार वापसी की थी.
जब अल-नसर ने भी उसी तरह से मैच में वापसी की तो टीम के समर्थकों ने तेज़ी से उसी हैशटैग का ट्विटर पर इस्तेमाल करने लगे. ये प्रशंसक इसका प्रयोग एक प्रतीकात्मक स्लोगन के रूप में करने लगे जैसे कि अपनी कारों पर स्टीकर के रूप में इसे लिखना.
शेख़ इब्राहिम ने 'बढ़त हासिल कर रही है' वाले मुहावरे के हैशटैग पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, "अल्लाह की किताब को याद करने के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाला ही वास्तविक नेता है."
शेख़ इब्राहिम के इस बयान वाले वीडियो पेज पर और ट्विटर पर हज़ारों प्रतिक्रियाएँ आईँ. कई ने उनकी टिप्पणी का स्पष्ट समर्थन किया.
उनके <link type="page"><caption> समर्थन में आई एक ट्वीट</caption><url href="https://twitter.com/abobedah503/status/429827641173360640" platform="highweb"/></link> में कहा गया, "खेल के प्रति जुनून या दीवानगी आधुनिक युग की बीमारियों में से एक है."
लेकिन कई अन्य लोगों ने उनकी टिप्पणी से असहमति जताई.
जवाबी ट्वीट
सोमवार तक इसके जवाब में एक नया <link type="page"><caption> जवाबी हैशटैग</caption><url href="https://twitter.com/search?q=%D8%A7%D9%84%D8%B4%D9%8A%D8%AE_%D8%A7%D9%84%D8%B2%D8%A8%D9%8A%D8%AF%D9%8A_%D9%8A%D9%82%D8%B0%D9%81_%D8%AC%D9%85%D9%87%D9%88%D8%B1_%D8%A7%D9%84%D9%86%D8%B5%D8%B1%23%20&src=typd&f=realtime" platform="highweb"/></link> ट्रेंड कर रहा था जिसमें शेख़ के ऊपर अल-नसर के समर्थकों को बदनाम करने का आरोप लगाया गया. इस हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए चार हज़ार से ज़्यादा ट्वीट किए गए, इसमें खेल फ़ोटोग्राफर फहद अलमरी का ट्वीट भी शामिल है.
फहद ने बीबीसी को बताया, "खेल का प्रशंसक होने में कोई बुराई नहीं है. जब तक कि यह हद से आगे न बढ़ जाए." जैसे इसका असर धर्म, परिवार और दोस्तों पर पड़ने लगे.
सऊदी अरब में फ़ुटबॉल के प्रति जुनून का पहले भी कई धार्मिक प्रमुखों ने जिक्र किया है लेकिन किसी ने इतनी सीधी आलोचना नहीं की थी.
लेखक और धार्मिक नेता अयद अल-क़रानी जिनके ट्विटर पर 50 लाख 40 हज़ार<link type="page"><caption> फॉलोवर </caption><url href="https://twitter.com/Dr_alqarnee" platform="highweb"/></link>हैं ने मैच के बाद हैशटैग के साथ ट्वीट किया अल-नसर को मैं अपनी किताब 'मुस्कुराहट' आपको भेंट करता हूँ और अल-हिलाल को मैं अपनी किताब 'उदास मत हो' समर्पित करता हूँ.
<bold><link type="page"><caption> </caption><url href="https://twitter.com/SumayaBakhsh" platform="highweb"/></link>सौम्या बख्श की रिपोर्ट पर आधारित</bold>
<italic><bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold></italic>












